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Jharkhand : एनआईसीयू और पीआईसीयू बनेंगे सुरक्षा कवच, शहर में बच्चों के लिए 1065 बेड उपलब्ध

Ranchi : राजधानी में कोरोना की थर्ड वेव को लेकर अलर्ट है. जिसे लेकर पहले से तैयारी पहले से ही की जा रही है. थर्ड वेव की चपेट में बच्चों के आने की संभावना है. ऐसे में गवर्नमेंट से लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल्स में बनाए गए पीआईसीयू और एनआईसीयू बच्चों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे.

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल रांची में 1065 बेड कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज लिए रखे गए हैं. जिसमें आक्सीजन सपोर्टेड, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बेड हैं. ये बेड गवर्नमेंट और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में रखे गए है.

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प्राइवेट में 50 परसेंट बेड रिजर्व

हेल्थ डिपार्टमेंट ने सभी प्राइवेट अस्पतालों को आदेश जारी कर दिया है. जिसके तहत उन्हें अपने अस्पताल में 50 परसेंट ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड बच्चों के लिए रखने को कहा गया है.

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केंद्र सरकार की तरफ से जारी किए गए अलर्ट में बिहार और झारखंड का भी नाम है, इसलिए सरकार ने किसी भी तरह की लापरवाही से बचने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. साथ ही डॉक्टर से लेकर स्टाफ भी अलर्ट मोड पर हैं. जिससे कि किसी भी आपात स्थिति से निपट सकें.

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डॉक्टर और स्टाफ को आईसीयू ट्रेनिंग

बच्चों के लिए झारखंड में डॉक्टरों की संख्या काफी कम हैं. 24571 बच्चों पर एक पीडियाट्रिशियन है. पूरे झारखंड की बात करें 350 बच्चों के डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं. जिससे समझा जा सकता है कि थर्ड वेब आई तो बच्चों को संभालना मुश्किल हो सकता है. ऐसी नौबत न आए इसके लिए डॉक्टर और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है. सभी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से 8 लोगों की टीम बनाकर उन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है.

वहीं आयुष डॉक्टर और अपना पॉली क्लिनिक चलाने वालों को भी ट्रेंड किया जा रहा है, जिससे कि आईसीयू और पीआईसीयू का भी संचालन वे अच्छे से कर सकें. वहीं जरूरत पड़ने पर और भी लोगों को ट्रेनिंग देकर उनकी सेवा ली जा सकेगी.

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