JharkhandLead NewsNEWSRanchi

Jharkhand News: प्रेस क्लब वही, पद उतने ही, लेकिन इस बार का बड़ा हो गया चुनाव

Ad
advt

Akshay Kumar Jha

Ranchi: राज्य भर में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट है. लेकिन रांची और आस-पास के प्रखंडों में प्रेस क्लब का चुनाव काफी गरमाहट ला रहा है. रांची का शायद ही कोई पत्रकार है जो इस चुनाव से अछूता है. जो ये कहते फिर रहे हैं कि हमें इस चुनाव से कोई लेना-देना नहीं, वहीं चुनावी गप-शप के ज्यादा मजे ले रहे हैं. मीडिया हाउस में उम्मीदवारों का दौरा जारी है. वो तमाम चीजें हो रही हैं, जो हर बार के चुनाव में होती हैं. लेकिन जो अलग है, वो यह है कि इस बार चुनाव प्रचार करने का तरीका बदल रहा है.

advt

इसे भी पढ़ेंःIIM Ranchi:  लड़कियों के छात्रावास का काम अधूरा, क्लासेज नये और पुराने भवनों में चलेंगे

चुनाव होने में अभी करीब 20 दिन बाकी हैं. लेकिन गेट-टुगेदर के नाम पर चुनावी प्रचार की महफिल खूब जम रही है. ऐसा सिर्फ रांची ही नहीं बल्कि आसपास के प्रखंडों में भी हो रहा है. रांची में होने वाले इस चुनावी महाजुटान में बड़े मीडिया हाउस के संपादक से लेकर फोटोग्राफर और तमाम लोग जुट रहे हैं. ऐसा ही महाजुटान हाल ही में रांची शहर के बींचोबीच एक ठिकाने पर हुआ, जहां चुनावी रणनीति तैयार होने के अलावा लिट्टी और मुर्गा भी खूब चला.

advt

इसे भी पढ़ेंःजिस ट्विटर हैंडल को सीएम करते हैं फॉलो, उसी ‘सरकारी’ ट्विटर हैंडल से सरकार के ही खिलाफ रीट्वीट

सियासत और नौकरीशाही से जुड़े लोग भी ले रहे दिलचस्पी

लोकसभा, विधानसभा और दूसरे चुनावों की तरह ही इस बार का रांची प्रेस क्लब का चुनाव भी होता जा रहा है. आलम यह है कि सियासत और नौकरीशाही से जुड़े लोग भी इसमें खूब दिलचस्पी ले रहे हैं. उन्हें चुनाव खड़े होने वाले प्रत्याशियों से लेकर हर रोज की गतिविधियों की खबर है. कई अफसर और नेता कह रहे हैं कि किसी भी मसले पर किसी को भी निशाने पर लेनेवाले पत्रकार अब एक-दूसरे को ही निशाने पर ले रहे हैं.

 

जातीय समीकरण नहीं बल्कि विभागीय समीकरण पर मंथन

यूं तो फील्ड में हर पत्रकार आपस में भाई और दोस्त होते हैं. लेकिन चुनाव आते ही ये तय किया जा रहा है कि कौन प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब का पत्रकार है. फोटोग्राफर और कैमरामैन उम्मीदवारों को अपने सहकर्मी खूब याद आ रहे हैं. उम्मीदवार यह कहते नजर आ रहे हैं कि मेरा प्रिंट का मामला टाइट है, बस थोड़ा इलेक्ट्रॉनिक वाला संभल जाए तो निकल जाएंगे. वहीं इलेक्ट्रॉनिक वाले इसका उल्टा बोल रहे हैं. फोटोग्राफी से जुड़े जर्नलिस्ट का तो दो-तीन महाजुटान हो भी चुका है. जो भी हो निश्चित तौर पर पहले वाले से ये चुनाव बड़ा होता नजर आ रहा है. न्यूज विंग इस खबर के माध्यम से सिर्फ चुनावी हलचल को सामने रखने की कोशिश कर रहा है. उम्मीदवार या वोटर पत्रकार इसे अन्यथा न लें.

advt
Adv

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: