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Jharkhand News: अप्रैल से 225 रुपये मिलनी थी मनरेगा की मजदूरी दर, पर पुराने रेट पर ही हो रहा भुगतान

सीएम हेमंत ने ट्विट कर बताया- क्या है परेशानी

Ranchi: राज्य में मनरेगा श्रमिकों को अब भी पुराने रेट पर ही मनरेगा मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है. इसे लेकर बवाल उठने लगा है. सरकार ने फरवरी में ही इस संबंध में घोषणा की थी कि अब श्रमिकों को 194.00 की बजाए 225 रुपये का भुगतान होगा. 1 अप्रैल से इसी रेट पर भुगतान किये जाने की भी बात कही गयी. इसे लेकर मजदूरों में भी उत्साह देखने को मिला पर यह अब तक धरातल पर नहीं उतरा है. नये वित्तीय वर्ष के 10 दिन (10 अप्रैल) बीत गये हैं. नयी मजदूरी दर जारी नहीं किये जाने पर अब सीएम हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है.

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राइट टू फुड अभियान से जुड़े और मनरेगा योजना को करीब से देखने वाले जेम्स हेरेंज ने अप्रैल में भी पुराने रेट पर ही मजदूरी भुगतान किये जाने पर सवाल उठाया है. ट्विटर पर भी उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन से इसकी शिकायत की. नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि नरेगा में दैनिक पारिश्रमिक भुगतान का आदेश 225 रूपये का है. पर मस्टर रोल संधारित किये जा रहे हैं सिर्फ 198 रूपये का. आखिर राज्य में शासन कौन चला रहा है? अप्रैल से नयी दर लागू करने की बात तय थी तो आखिर इसके लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों ने अपनी तैयारी समय रहते पूरी क्यों नहीं की.

 

हेरेंज की ट्वीट पर सीएम ने जवाब दिया है कि मनरेगा मजदूरी दर में बदलाव के लिए भारत सरकार द्वारा साफ्टवेयर में बदलाव किया जाता है. यह काम अब तक नहीं किया जा सका है. इस मामले में केंद्र को पत्र भेजा गया है. जल्दी ही केंद्र सरकार द्वारा इस विसंगति को दूर कर लिया जायेगा.

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केंद्र से मजदूरी दर बढाने का किया गया था आग्रह

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मनरेगा की मजदूरी दर बढाये जाने का कई बार आग्रह किया था. 2019-20 में यह दर 171 रुपये थी जबकि 2020-21 में 194 रुपये. राज्य के आग्रह पर इसे 198 रुपये कर दिया गया था. पर राज्य सरकार इसे 225 रुपये करने के प्रयास में थी. केंद्र सरकार के 198 रुपये तक ही किये जाने पर अंततः राज्य सरकार ने अंतर राशि को पाटते हुए इसे 225 रुपया किये जाने की पहल की थी.

 

गौरतलब है कि मनरेगा संगठनों से जुड़े लोग और राज्य सरकार लगातार यह कहती रही है कि झारखंड में दूसरे राज्यों की तुलना में मजदूरी दर सबसे कम रही है. वह भी तब जब राज्य में मनरेगा की डिमांड रही है. 2016-17 में राज्य में मजदूरी दर 167 रुपये, 2017-18 में 1 रुपये की बढोत्तरी के साथ 168 रुपया, 2018-19 में भी 168 और 2019-20 में 171 रुपया था. 2020-21 में 194 की दर से मजदूरी भुगतान चल रहा था.

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