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Jharkhand News : पैसे की लालच में PLFI के उग्रवादी बन रहे सुपारी किलर

पीएलएफआई के शूटर ने की थी ओरमांझी में भाजपा नेता जीतराम मुंडा की हत्या

Ranchi : रांची के ओरमांझी में कुछ दिन पूर्व भाजपा नेता जीतराम मुंडा की गोली मार हत्या की गई थी. जीतराम मुंडा की हत्या के मामले में हुई एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि भाजपा नेता की हत्या पीएलएफआई के शूटर ने की थी. PLFI के उग्रवादी को हत्या की सुपारी मनोज मुंडा नामक व्यक्ति ने दी थी.मनोज मुंडा पुलिस की पकड़ से दूर है. उसकी गिरफ्तारी होने के बाद और कई खुलासे होने की संभावना है.

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पुलिस का सिरदर्द बने उग्रवादी

झारखण्ड में उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया यानि पीएलएफआई आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा है . पीएलएफआई उग्रवादियों द्वारा अपराधिक वारदात को अंजाम देने से पुलिस का सिरदर्द बढ़ गई है.अब तक आपने सुना और देखा होगा की बड़ी कंपनिया से लेकर छोटी कंपनियां अपने कामकाज उग्रवाद प्रभावित इलाकों में चलाने के लिए उग्रवादियों और नक्सलियों के धमकाने डर कर लेवी देती रही हैं.

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वहीं अब पीएलएफआई उग्रवादियों ने विकास कार्यों जैसे सड़क, पुल-पुलिया या अन्य भवन निर्माण के कार्यों में लेवी लेने के अलावा अब सुपारी के रूप में मोटा पैसा लेकर किसी भी हत्या करने का नया धंधा शुरू कर दिया है.

सभी उग्रवादियों का उदेश्य सिर्फ पैसा कमाना : ग्रामीण एसपी

रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम के अनुसार नक्सली संगठन चाहे कोई भी सबका अब बस एकमात्र उदेश्य रह गया है पैसे कमाना हो चुका है. नक्सली संगठन में जो भी पैसा लेवी के रूप में वसूला जाता है उस पर केंद्रीय टीम का अधिकार होता है जबकि अन्य उग्रवादी संगठनों के साथ ऐसा नहीं है.

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जितना पैसा वसूलेगा उसे उतना फायदा

खासकर पीएलएफआई में तो जो जितना पैसा वसूलेगा उसे उतना फायदा मिलेगा. यही कारण है की पैसे को लेकर ही नक्सली संगठनों में टूट हो रही ,इनका अब एकमात्र उद्देश्य रह गया है पैसा कमाना. पैसे की लालच में अब हत्या की सुपारी भी ले रहे है .

ग्रामीण एसपी ने बताया की कहीं न कहीं लेवी बहुत हद तक नक्सलियों को मिलनी बंद हो गयी है. इसकी वजह से पैसे की कमी हो गयी है. इसके कारण उग्रवादी अब कोई भी काम करने को तैयार रहते हैं . झारखण्ड के लिए नासूर बन चुके उग्रवादी जिस तरह से अपने आप को कांट्रक्ट किलर में बदल रहे हैं वो निश्चित एक खतरनाक संकेत है.

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