JharkhandLead NewsRanchi

Jharkhand NEWS : कम ‘रिस्क’ में ज्यादा नुकसान की नीति है ‘धमाका’

Ranchi : बारूदी सुरंग विस्फोट नक्सलियों की कम रिस्क लेकर ज्यादा नुकसान पहुंचाने की नीति का हिस्सा है. विस्फोट करने के लिए नक्सलियों को नजदीक नहीं आना पड़ता, दूर से ही विस्फोट कर देते हैं. नक्सली संगठन का पुलिस के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार धमाका करना रहा है. पिछले एक दशक के दौरान लैंड माइंस को ज्यादा मारक बनाने के लिए उच्च तकनीक के सहारे उसे ज्यादा खतरनाक बनाते रहे हैं.

शुरू से ही लैंड माइंस पुलिस के लिए चुनौती रहा है. नक्सलियों ने पुलिस को निशाना बनाने के लिए हमेशा से लैंड माइंस का सहारा लिया है. नक्सलियों द्वारा उपयोग में लाए जानेवाले लैंड माइंस की बदलती तकनीक ने पुलिस के लिए परेशानी बढ़ा दी है. केन बम, सिलेंडर बम व कुकर बम जैसे विस्फोट आइईडी का इस्तेमाल हो या बारूदी सुरंग का विस्फोट हो तो पहली नजर में ध्याम नक्सलियों और आतंकियों की ओर जाता है.

जंगल-पहाड़ और सुदूर ग्रामीण इलाकों में डेरा डाले, कैंप लगाने वाले नक्सली अमूमन लैंड माइंस से घेराबंदी कर लेते हैं ताकि सुरक्षा बलों की पहुंच उनतक न हो. यही कारण है कि झारखंड का बूढ़ा पहाड़ हो या कुछ इसी तरह के दुरूह इलाके, उनके किले पर सुरक्षा बलों के जवान कब्जा नहीं कर सके.

Catalyst IAS
ram janam hospital

इसे भी पढ़ें:रूस ने स्पेस रॉकेट से हटाया US, जापान और ब्रिटेन का झंडा; लगा रहा तिरंगा, देखें VIDEO

The Royal’s
Sanjeevani
Pitambara
Pushpanjali

दलमा पर्वत पर 14 लैंड माइंस को किया निरस्त

अगस्त 2021 में पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र के दलमा पर्वत पर नक्सलियों ने लैंड माइंस लगा रखी थी. इसकी सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस सर्च ऑपरेशन चलाया और 14 लैंड माइंस को निरस्त किया.

इसे भी पढ़ें:IGNOU FINAL EXAM: 4 मार्च से होगा शुरू, 25 सेंटर्स पर 1.90 लाख स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा

पुलिस को टारगेट कर बिछाया लैंडमाइंस, ग्रामीण की मौत

23 दिसम्बर को लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड अंतर्गत सेरंगदाग थाना क्षेत्र के दुंदरू चौपाल के जंगल में नक्सलियों ने पुलिस को टारगेट कर लैंडमाइंस बिछाया था. लेकिन, इसकी चपेट में आने से एक ग्रामीण दुंदरू चौपाल गांव निवासी सुपाल नगेशिया की मौत हो गयी.

हालांकि इस इलाके में 8 फरवरी से पुलिस द्वारा चलाये गये अभियान में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किये गये है. वही विस्फोटक के चपेट में आने से तीन जवान में जख्मी हुए है.

इसे भी पढ़ें:JHARKHAND BUDGET: सहायक शिक्षकों के मानदेय के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान, रिमेडियल क्लासेस के लिए 40 करोड़ अतिरिक्त

मध्यप्रदेश से मंगाया गया था विस्फोटक

पश्चिम सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी गांव स्थित पहाड़ी के क्षेत्र में बीते चार मार्च 2021 को आइएडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हो गए थे. डायरेक्शनल लैंडमाइन नक्सलियों द्वारा ब्लास्ट किया गया था. मामले की जांच एनआईए भी कर रही है. एनआईए जांच में यह बात सामने आया कि लांजी नक्सली हमले को अंजाम देने के लिए मध्यप्रदेश से अवैध विस्फोटक की आपूर्ति हुई थी.

मध्य प्रदेश का रहने वाला आर्म्स सप्लायर जैकी ने ही माओवादियों को विस्फोटक सप्लाई की थी. विस्फोटक बनाने के लिए प्रयोग में आने वाला 700 किलोग्राम पोटाश मध्यप्रदेश के बेहरोई से झारखंड भेजा गया था.

जैकी ने सुखराम रामताई तक पहुंचाया था. लांजी नक्सली हमले के मामले में एनआईए ने 19 नक्सलियों के ऊपर एनआईए ने चार्जशीट दायर किया है. 33 नक्सलियों पर मामला दर्ज है.

इसे भी पढ़ें:बिहार विधानसभा में मेडिकल की पढ़ाई की मोटी फीस को लेकर विपक्षी पार्टियों ने किया हंगामा

प्रशांत बोस के सुरक्षा घेरा में होता था लैंडमाइंस और आईडी का इस्तेमाल

माओवादी पोलित ब्यूरो के सदस्य और ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के सचिव प्रशांत बोस का नाम प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बूढ़ा का सुरक्षा घेरा पांच स्तर में होता था. पांचों स्तर पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस नक्सली के साथ साथ पांच किलोमीटर की परिधि में लैंड माइंस और आइईडी लगा रहता था. यही कारण है कि पुलिस वहां तक पहुंचने में परहेज करती थी. 24 परगना जिले के जादवपुर निवासी प्रशांत बोस पर झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने भी इनाम रखा हुआ था. हालांकि नवम्बर 2021 में प्रशांत बोस और पत्नी शीला मरांडी को पुलिस गिरफ्तार कर लिया.

वर्ष लैंडमाइंस/आईईडी आदि विस्फोटक (किलोग्राम में)
2जुलाई से दिसंबर-10 5 126
2011 176 3057
2012 513 3457
2013 158 3014
2014  306 2645
2015 796 5758
2016 685 2647.5
2017 397 2342.5
2018 311 1706
2019 83 1730.6
2020 292 2367.725
2021 374 2370.975
20 फ़रवरी 2022 44  171.1

 

Note: ये आंकड़े सीआरपीएफ द्वारा जारी किये गये है.

इसे भी पढ़ें:झारखंड बजट: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा पर 5,742.32 करोड़ खर्च करेगी सरकार

Related Articles

Back to top button