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Jharkhand: जनता की 66 हजार से अधिक शिकायतें ऊपर तक पहुंची, इसके बाद भी 8895 मामले एक साल से लंबित

Nikhil Kumar

Ranchi: जनता की 66 हजार से अधिक शिकायतें ऊपर तक जाने के बावजूद 8 हजार से अधिक शिकायतें एक साल से अधिक समय से पेडिंग हैं. यह हाल है झारखंड के विभिन्न सरकारी विभागों और जिलों की, जहां पेंशन, पब्लिक मैटर की शिकायतों सालों से लंबित हैं. आम जनता से अपनी शिकायतों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कई बार रखने के बाद भी जब समाधान नहीं मिला तो इसकी शिकायत भारत सरकार के पोर्टल पर की गई है. पूरे राज्य में पेंशन और पब्लिक से जुड़ी 66531 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 50891 शिकायतों का निष्पादन कर दिया गया है. ऐसे में 76.49 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया है. पर अभी भी 15640 शिकायतों का निबटारा पेडिंग है. वहीं आठ हजार से अधिक मामले विगत एक साल से अधिक समय से लंबित हैं.

ये सारी शिकायतों विभिन्न विभागों से जुड़ी हैं या जिलों से मिली है. राज्य में सबसे अधिक शिकायतें गृह,कारा एवं आपदा विभाग 7111, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार 3501 व ग्रामीण विकास विभाग 3255 से मिली हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य,नगर विकास,कृषि से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में हैं. बता दें कि, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी, शोषण या सरकारी महकमे से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए पब्लिक ग्रीवांस केंद्र सरकार द्वारा जनता की शिकायतों के निपटारे के उदेश्य से पबिल्क ग्रीवांस पोर्टल बनाया गया है. शिकायत के लिए आपको राज्यभर में पीजी पोर्टल के जरिये ऑनलाइन जाना होता है. इसके बाद लॉज योर ग्रीवांस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. यहां दो ऑप्शन दिखेंगे,जिसमें पब्लिक ग्रीवांस और पेंशन ग्रीवांस शामिल हैं.

Sanjeevani

अगर आप वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन या नौकरी की पेंशन से जुड़ी कोई शिकायत करना चाहते हैं तो पेंशन ग्रीवांस व पबिल्क से जुड़े मामले में पब्लिक ग्रीवांस में जाना होगा. यहां की गयी शिकायत का नियमित स्टेटस भी मिलता है. मंत्रालय सीधा इसकी निगरानी करता है. प्रधानमंत्री भी समय-समय पर समीक्षा करते हैं. इसी में यह बात सामने आयी कि राज्य में अभी भी 15 हजार से अधिक शिकायतों का निपटारा लंबित है. कार्मिक विभाग ने इसे देखते हुए सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अविलंब केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं अनुश्रवण प्रणाली (सीपीग्राम) में लंबित मामलों को प्राथमिकता से इसके निपटारा के दिशा में अग्रतर कार्रवाई करें.

विभाग प्राप्त शिकायतें निष्पादित शिकायतें एक साल से मामले लटकाये
कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता 1106 761 188
भवन निर्माण 68 48 4
मंत्रिमंडल निर्वाचन 65 48 3
वाणिज्यकर 178 142 12
उद्योग 275 169 84
कार्मिक,प्रशासनिक सुधार 450 393 21
ग्रामीण विकास 3255 3065 133
परिवहन एवं नागर विमानन 594 185 228
नगर विकास एवं अवास 2216 1957 108
जलसंसाधन 338 251 57
अनुसूचित जाति,जनजाति ,अल्पसंख्यक 675 277 288
गृह,कारा एवं आपदा 7111 5168 758
आइटी 143 139 0
उर्जा 2145 785 923
उत्पाद एवं मद्य निषेध 184 54 89
वन एवं पर्यावरण 515 313 122
खाद्य आपूर्ति 1391 1382 0
स्वास्थ्य 2499 1854 421
उच्च शिक्षा एवं तकनीक 1681 988 482
सूचना एवं जनसंपर्क 68 67 2
जेपीएससी 206 171 9
झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग 362 353 0
विधि 25 20 0
श्रम,नियोजन,प्रशिक्षण 918 869 145
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी 379 234 115
खान एवं भूतत्व 429 281 121
पेयजल एवं स्वच्छता 696 283 234
पंचायती राज 60 37 0
योजना विभाग 845 263 329
राजस्व निबंधन भूमि सुधार 3501 1751 901
पथ निर्माण 858 416 257
ग्रामीण कार्य 506 392 0
स्कूली शिक्षा 2402 1414 668
पर्यटन 171 122 22
महिला बाल विकास 846 412 276

जिलों में भी शिकायतों की लिस्ट लंबी

इसके अलावा विभिन्न जिलों में भी शिकायतों की लंबी कतार है. धनबाद में 1032,गिरिडीह में 116,पलामू में 454, हजारीबाग में 427,रांची में 775 शिकायतें मिली हैं. इसके अलावा अधिकांश जिलों में 100 से चार सौ के बीच शिकायतें मिली जिसका निपटारा किया जा रहा है. विभाग व जिलों को मिलाकर पूरे राज्य में 8895 मामले एक साल से लंबित है.

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