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Jharkhand मानसून सत्र : आदिवासी मूलवासी को रोजगार देने के लिए सरकार कटिबद्ध : हेमंत

बहुत जल्द नियोजन और स्थानीय नीति भी आएगी, मंदिरों को खोलने पर फैसला जल्द

Ranchi: विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में कहा आदिवासी मूलवासी को रोजगार देने के लिए सरकार कटिबद्ध है. रोजगार को लेकर प्रवर समिति का रिपोर्ट भी आ चुकी है स्थानीय लोगों के लिए सरकार गंभीर है. उन्होंने कहा कि थोड़ा धीरज रखिये बहुत जल्द नियोजन नीति भी आएगी और स्थानीय नीति भी आएगी. विपक्ष से कहा कि आपलोगों को बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ों को आरक्षण देने के लिए भी सरकार कटिबद्ध है. इसका प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा. मुख्यमंत्री ने विपक्ष को भी लपेटा. कहा कि  20 सालों में इन्होंने क्या किया, बीजेपी की समस्या ये है कि ये किसी को उनका अधिकार नहीं लेने देना चाहते. जातिगत जनगणना के लिए पीएम के साथ सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल के साथ करेंगे मुलाकात, समय देने की मांग की गई है.

सुदेश ने की स्थानीयता और रोजगार नीति स्पष्ट करने की मांग

सुदेश महतो ने स्थानीयता ओर रोजगार नीति को स्पष्ट करने की मांग सीएम से की. उन्होंने कहा कि यह नियोजन वर्ष है. स्थानीयता का आधार क्या है यह तय नहीं है. सरकार 1932 या अंतिम सर्वे को मानती है या नहीं. कहा कि प्रथम कैबिनेट में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण की बात कही थी. अबतक नहीं हुआ. भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि जातिगत जनगणना के भाजपा समर्थन करती है. लेकिन सरकार नियोजन और स्थानीय नीति लागू करें. मुख्यमंत्री इन्हीं सवालों का जवाब दे रहे थे.

मंदिर खोलने पर जल्द फैसला लेगी सरकार

बैजनाथ धाम व बासुकीनाथ मंदिर खोले जाने के मामले पर विधायक नारायण दास ने सीएम से जवाब मांगा. नारायण दास ने कहा कि देवघर में विधायक आमरण अनशन पर बैठे हैं. देवघर के पंडा भी इस आमरण अनशन में साथ दे रहे हैं. मंदिर खोले जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आखिर मंदिर, मस्जिद, स्कूल और गुरुद्वारा क्यों बंद है यह हम सभी जानते हैं. हम क्यों अपने आप को घरों में बंद कर लिए थे यह भी सभी जानते हैं. जब सब कुछ बंद था सरकार ने लोगों को खाना खिलाने का काम किया. सरकार की नजर सभी चीजों पर है. एक-दो दिन में आपदा प्रबंधन के साथ बैठक होने वाली है. हमें भी पंडा समाज की चिंता है. हमें भी भगवान पर आस्था है. मंदिर खोले जाने पर सरकार बहुत जल्दी फैसला लेगी. इसके लिए जान देने की जरूरत नहीं है. लेकिन मुख्यमंत्री के जवाब से बीजेपी के विधायक संतुष्ट नहीं हुए. नारायण दास ने स्पीकर से कहा कि वह मुख्यमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और वह वेल में जाकर बैठ गए.

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