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7 STAR रिसॉर्ट में झारखंड के विधायक-मंत्री ले रहे हैं स्पा का मजा, स्वीमिंग पूल का भी उठा रहे हैं आनंद

RANCHI:  झारखंड में क्या हो रहा है इसकी चिंता से दूर महागठबंधन के विधायक-मंत्री जमकर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का मजा ले रहे हैं. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विधायकों और मंत्रियों के लिये आलीशान व्यवस्था की गयी है. हर तरह के तनाव से दूर ये विधायक और मंत्री भी 7 STAR रिसॉर्ट में स्पा का मजा ले रहे हैं, जमकर स्वीमिंग पूल का आनंद उठा रहे हैं. मीडिया को रिसार्ट के करीब फटकने भी नहीं दिया जा रहा है. मीडियाकर्मियों को रिसार्ट से करीब डेढ़ किमी दूर रखा गया है.

 

टूट के डर से हेमंत ने किया महागठबंधन के विधायकों को रायपुर शिफ्ट

झारखंड में हेमंत सोरेन की सीएम कुर्सी बचेगी या नहीं अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन हेमंत को विधायकों के टूटने का डर सताया हुआ है. इसीलिए पहले वह सभी विधायकों को बस से पिकनिक मनाने ले गए और अब 32 विधायकों को विमान से छत्तीसगढ़ पहुंचा दिया गया है. यहां विधायक मेफेयर रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं. ये लोग कितने दिन रुकेंगे अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. झारखंड के इस राजनीतिक संकट के कारण मेफेयर एक बार फिर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स के लिए चर्चा में आ गया है. जानकारी के मुताबिक रिसॉर्ट में कांग्रेस से 12, JMM के 19 और राजद के 1 विधायक शामिल हैं.

 

रिसॉर्ट क्यों है खास

– मेफेयर रिसॉर्ट रायपुर के बाहरी इलाके में स्थित है, जो प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है.

-यह रिसॉर्ट स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे से केवल 10 किमी, मुख्य बाजार से 15 किमी और रेलवे स्टेशन से 25 किमी की दूरी पर है.

– झांग झील पर स्थित मेफेयर रिसॉर्ट के चारों ओर का नजारा बहुत सुंदर है. यह 5 स्टार होटल अपने गेस्ट को विश्व स्तरीय सुविधाएं देता है.

-इस रिसॉर्ट में 178 सुइट्स हैं, जिसका किराया 5 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये तक है. इसका बहु-व्यंजन रेस्तरां दुनिया भर व्यंजन पेश करता है.

– इसमें एक शानदार पूल फेसिंग बार है. इसका कैफे बहुत ही आकर्षक है. यहां हॉट टब, फिटनेस रूम और गेम्स रूम के साथ-साथ शानदार लक्ज़री स्पा भी है.

 

क्यों गरमायी है झारखंड की राजनीति

भाजपा ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए हेमंत सोरेन ने अपने नाम से रांची के अनगड़ा में पत्थर खनन लीज आवंटित करा ली है. इसे भाजपा ने इसे लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन माना और सीएम की इस्तीफे की मांग कर दी थी. जिसपर चुनाव आयोग ने विस्तृत जांच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दिया है. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले पर राज्यपाल को फैसला लेना है. जिसे लेकर झारखंड की राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है.

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