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झारखंड माइंस घोटाला: सीबीआई ने दो साल पहले आइएएस जयशंकर तिवारी पर मुकदमा चलाने की मांगी थी मंजूरी, दबी है फाइल

इस मामले में पूर्व सीएम मधु कोड़ा भी फंसे हुए हैं

Special correspondent

Ranchi: माइंस घोटाले के आरोपी तत्कालीन खान सचिव आइएएस अधिकारी जयशंकर तिवारी पर भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाने से जुड़ी फाइल दो साल से राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के पास लंबित है. सीबीआई दिल्ली ने 2020 में ही अभियोजन स्वीकृति की अनुमति मांगी थी. इसपर दो साल बाद भी सरकार फैसला नहीं ले सकी है. इस मामले में पूर्व सीएम मधु कोड़ा भी फंसे हुए हैं.

कार्मिक विभाग की ओर से भेजी गयी फाइल ब्यूरोक्रेसी के गलियारे में कहीं दबी पड़ी है और गड़बड़ी करने वाले अधिकारी बच रहे हैं. दरअसल, परबतपुर कोल ब्लॉक आवंटन मामले में बड़े पैमाने पर धांधली की बात सामने आयी थी. पश्चिम बंगाल के खारदाह और आंध्र प्रदेश के कलाहस्ती में प्रस्तावित आयरन संयंत्र के लिए इलेक्ट्रो स्टील कास्टिंग कंपनी को यह कोल ब्लॉक आवंटित किया था. वरीय अधिकारियों के अनुसार इस माइन्स के आवंटन में नियम-कानून की धज्जियां उड़ायी गयी थीं. बिना केंद्र को बताये ही माइंस का आवंटन किया गया था. आरोप है कि पश्चिम बंगाल की कंपनी इलेक्ट्रो स्टील कास्टिंग को नियम विरुद्ध माइंस का आवंटन किया गया. मामले की सीबीआई जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई. इसके बाद सीबीआई ने पूर्व सीएम मधु कोड़ा और पूर्व खान सचिव जयशंकर तिवारी एवं अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी.

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MDLM
Sanjeevani

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