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झारखंड में हो सकता है लॉकडाउन, शिक्षा मंत्री बोले- कोरोना की चेन को तोड़ना जरूरी

गिरिडीह पहुंचे शिक्षा मंत्री ने भी माना कि अनलॉक के दौरान लोगों में बढ़ी है लापरवाही

Giridih: झारखंड में बीते कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं. ऐसे एकबार फिर राज्य में लॉकडाउन होने की बातें सामने आ रही हैं. झारखंड में लॉकडाउन को लेकर सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बड़ा बयान दिया है.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प है. ऐसे में राज्य सरकार इस पर जल्द ही फैसले लेगी, और झारखंड में लॉकडाउन की घोषणा करेगी. मंत्री जगरनाथ महतो ने ये बातें बुधवार को गिरिडीह परिसदन भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.

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लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प

पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि फिलहाल कोरोना पर कंट्रोल करने के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प रह गया है. इसके लिए वे खुद सीएम हेमंत सोरेन से वार्ता करेगें. मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ दिनों के भीतर जल्द ही पूर्ण तालाबंदी की घोषणा हो सकती है.

एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने सरकार के कोरोना से निपटने की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में मृत्यु दर बेहद कम है. अन्य राज्यों की तुलना में संक्रमितों का आंकड़ा भी कम है. जबकि रिकवरी दर में पहले से इजाफा हुआ है.

साथ ही कहा कि सरकार ने पहले से 31 जुलाई तक लॉकडाउन का विस्तार किया है. लेकिन लॉकडाउन का सख्ती से पालन नहीं होना साबित करता है कि अनलॉक की प्रकिया के बाद राज्य में लापरवाही बढ़ने के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. क्योंकि लोग ना तो मास्क ही लगा रहे है. और ना ही दो गज दूरी का पालन कर रहे है. लिहाजा, अब राज्य सरकार कोई रिस्क लेने के पक्ष में नहीं है. ऐसे में लॉकडाउन के बगैर कोरोना को कंट्रोल कर पाना संभव नहीं है.

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मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी पर बीजेपी को घेरा

कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को प्लेन से झारखंड वापस लाने को लेकर उन्होंने सीएम की रणनीति की तारीफ की. लेकिन दोबारा प्रवासी मजदूरों के लौटने से जुड़े सवालों के जवाब में मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि मजदूर कोरोना के खौफ से लौटे थे. अब अपनी मर्जी से वापस जा रहे है. इसमें राज्य सरकार कुछ नहीं कर सकती.

वहीं इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि मनरेगा का फंड दिया गया. लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में मजदूरी दर बेहद कम है. जब न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलेगी, तो रोजगार तलाशने जाना होगा. ऐसे में भाजपा से पूछा जाना चाहिए कि राज्य में मनरेगा मजदूरी दर एक बराबर में क्यों नहीं है.

मौके पर पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में जगरनाथ महतो ने कहा कि देवघर डीईओ के फर्जी साईन कर 31 लाख 46 हजार की निकासी की जांच के आदेश जल्द दिये जाएगे. किसी भी सूरत में गरीब बच्चों को मिलने वाले पोशाक की राशि हड़पने वाले दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. वहीं बंद पड़े कोषागार से ठप पड़ी विकास योजनाओं के सवाल के जवाब में मंत्री महतो ने कहा कि हेमंत सरकार आर्थिक हालात की समीक्षा करने में जुटी हुई है. जल्द ही कोषागार को चालू किया जाएगा. इस दौरान शिक्षा मंत्री के साथ गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक डा. सरफराज अहमद और झामुमो अध्यक्ष संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद थे.

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