न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंड लोकसभा चुनाव : तीसरे चरण की वोटिंग को लेकर सुरक्षा सख्त, 40 हजार पुलिस बल तैनात

100

Ranchi : झारखंड में तीसरे चरण के चुनाव के तहत चार लोकसभा संसदीय क्षेत्र गिरिडीह, धनबाद, चाईबासा और जमशेदपुर में 12 मई को चुनाव होना है. इन चारों लोकसभा संसदीय क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से 40 हजार सुरक्षाबल के जवान तैनात किए गए हैं.

हालांकि सुरक्षाबलों के लिए सारंडा, पारसनाथ, झुमरा, तोपचांची सहित कई अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती होगी.

Aqua Spa Salon 5/02/2020

इसे भी पढ़ेंःराहुल गांधी ने कहा, 1984 दंगा भयानक त्रासदी थी, सैम पित्रोदा माफी मांगें

40 हजार सुरक्षाबल तैनात

12 मई को होनेवाले चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और इसके लिए लगभग 40 हजार सुरक्षकर्मियों को तैनात किया गया है. साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि मतदाता भयमुक्त होकर मतदान कर सकें.

इसके अलावा संवेदनशील मतदान केंद्रों में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती की गई है. झारखंड में तीसरे चरण में होनेवाले मतदान को लेकर 175 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल, 52 कंपनी राज्य पुलिस, 20375 के लगभग जिला पुलिस और 5972 के लगभग पुलिस अफसरों को तैनात किया गया है.

इसे भी पढ़ेंःबीजेपी पर सिद्धू की रंगभेद टिप्पणी, कहा- काले अंग्रेजों से देश को निजात दिलाओ

नक्सलियों के गढ़ में शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनौती

नक्सलियों के गढ़ में शांतिपूर्ण चुनाव कराना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. चाईबासा का सारंडा क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ रहा है. कुछ दिन पहले नक्सलियों ने यहां वन विभाग का भवन को उड़ाकर और पोस्टरबाजी कर चुनाव बहिष्कार की घोषणा की थी.

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

इस क्षेत्र में एक करोड़ का इनामी भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस और केंद्रीय कमेटी के सदस्य मिसिर बेसरा, महाराजा प्रमाणिक, जीवन कंडूलाना और अमित मुंडा सक्रिय है.

गिरिडीह धनबाद के टुंडी, तोपचांची, पारसनाथ इलाकों में 25 लाख का इनामी नक्सली पतिराम मांझी, अनल, मिथिलेश और अजय महतो का दस्ता सक्रिय है. सुरक्षाबलों के द्वारा इन सभी नक्सलियों के दस्ते के ऊपर खास नजर रखी जा रही है.

इसे भी पढ़ेंःसंजय निरुपम की विवादित टिप्पणीः कहा-देश के सारे गर्वनर सरकार के चमचे

आईडी से बचने के लिए जारी किए गए निर्देश

चुनाव के दौरान नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाकर्मियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आईडी छिपाकर लगाए जाते हैं. इससे बचने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं. सुरक्षाकर्मियों को कहा गया है कि टूटी फूटी सड़क पर मूवमेंट ना करें.

जहां पर भी आईडी लगाए जाने का खतरा हो वहां सुरक्षाकर्मियों को पैदल मूवमेंट कराया जाए. साथ ही बम डिस्पोजल की टीम को भी सुरक्षा बल के प्रत्येक टीम के साथ रखा गया है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like