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#Jharkhand में मजदूरों का निबंधन और बीमा होगा, श्रम संगठन भी होंगे निबंधित: सत्यानंद भोक्ता

  • मंत्री ने कहा- झारखंड के मजदूरों को आर्थिक सहायता पहुंचा रही हेमंत सरकार
  • बोले- प्रवासी मजदूर खुद को अकेला न समझे, राज्य सरकार है उनके साथ
  • विभागीय मंत्री ने कोविड-19 हेल्पलाइन नंबर से प्रवासी मजदूरों से की बात
  • बाहर फंसे मजदूरों को 2000 व राज्य में कम करने वालों को 1000 मिलेगा

Ranchi: श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने कहा है कि आने वाले समय में हेमंत सरकार राज्य के सभी मजदूरों का निबंधन करायेगी.

न्यूजविंग से खास बतचीत में उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के श्रम संगठनों का भी निबंधन होगा, जिसको लेकर जल्द ही ऐसे संगठनों की एक बैठक बुलायी जायेगी.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में दूसरे राज्यो में फंसे झारखंड के मजदूर खूद को अकेला न समझें, झारखंड सरकार उनके साथ है.

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सरकार समझती है मजदूरों का दर्द


मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने आगे कहा कि वर्तमान समय में मजदूरों का दुख दर्द झारखंड सरकार समझ रही है. आने वाले समय में किसी तरह की कोई असुविधा मजदूरों को न हो, इसके लिए राज्य सरकार राज्य के सभी मजदूरों का डेटाबेस तैयार करेगी.

कौन मजदूर किस राज्य में काम करते हैं, क्या काम कर रहे है, यह जानकारी सरकार के पास होगी. मजदूरों के कार्यस्थल की सुविधा मिले इसके लिए विभाग तैयारी कर रहा है.

राज्य के सभी मजदूरों का बीमा करने पर भी श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग विचार कर रहा है.

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सप्ताह भर में दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को मिलेगी आर्थिक सहायता

भोक्ता ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए हेमंत सोरेन ने ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप के माध्यम से दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों को सहायता पहुंचायी जायेगी.

विभाग द्वारा मजदूरों के लिए कोविड 19 हेल्पलाइन बेहतर काम कर रहा है. हेमंत सरकार द्वारा मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. इसके अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं.

राज्य के सभी मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सरकार पैसे भी हस्तांतरित करेगी. बाहर फंसे मजदूरों को इस एप के माध्यम से आर्थिक सहायता पहुंचायी जायेगी.

संख्या बल के हिसाब से मजदूरों को सहायता पहुंचायी जायेगी. बाहर फंसे मजदूरो को 2000 एवं राज्य के मजदूरों को 1000 रुपये की सहायता एक सप्ताह के अंदर झारखंड सरकार देगी.

विभागीय मंत्री ने कोविड-19 हेल्पलाइन नंबर से कई मजदूरों से बात भी की है. उन्होंने मजदूरों को कहा कि आपके साथ राज्य सरकार है, सरकार आपको राहत पहुंचायेगी.

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