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Jharkhand: रिचार्ज पिट बनाने में नहीं दिखा रहे इंटरेस्ट, इस बार भी नहीं होगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज

Ranchi: राजधानी समेत कई जिलों में वाटर क्राइसिस बढ़ता जा रहा है. कुछ जिलों में तो ड्राई जोन भी घोषित किए जा चुके हैं. यह देखते हुए नगर निगम रेस हो गया है. ग्राउंड वाटर इंवेस्टिगेशन डिवीजन रांची ने भी इसके लिए दो बार टेंडर निकाला, लेकिन कोई भी रिचार्ज पिट बनाने के लिए आगे नहीं आया. अब डिवीजन ने तीसरी बार रिचार्ज पिट के लिए टेंडर निकाला है. जबकि कुछ दिनों में ही मानसून झारखंड पहुंच जाएगा. जिससे साफ है कि इस बार भी ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने की विभाग की तैयारी धरी रह जाएगी.

 

चार जिलों में 63 रिचार्ज पिट

रांची, गुमला, लोहरदगा और खूंटी में 63 रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट बनाया जाना है. इसके लिए 55,45,163 रुपए भी मंजूरी दी जा चुकी है. ऐसे में एक वाटर रिचार्ज पिट बनाने में 88018 रुपए अनुमानित खर्च आएगा. जिससे कि बारिश के समय में पानी सीधे ग्राउंड में जाए और वाटर लेवल मेंटेन रहे.

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आर्टिफिशियल रिचार्ज का दिया सुझाव

पिछले महीने सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड ने एक रिपोर्ट जारी की थी. जिसमें बोर्ड ने देश में ग्राउंड वाटर लेवल को मेंटेन रखने के लिए मास्टर प्लान तैयार करते हुए कुछ सुझाव भी दिए थे. वहीं ग्राउंड वाटर को आर्टिफिशियल रिचार्ज करने का सुझाव दिया गया था. बोर्ड ने कहा था कि मास्टर प्लान के अनुसार, झारखंड का कुल क्षेत्रफल 79,710 वर्ग किलोमीटर है. इसमें से 28,748 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ग्राउंड वाटर के स्तर को मेंटेन रखने के लिए आर्टिफिशियल रिचार्ज करने की जरूरत है. बोर्ड ने ये भी कहा था कि ये वैसे क्षेत्र हैं, जहां पर मॉनसून के बाद भी ग्राउंड वाटर लेवल तीन मीटर से ज्यादा नीचे रहता है. इतना ही नहीं लगातार 10 साल से औसतन 10 सेंटीमीटर से अधिक जल स्तर नीचे जा रहा है. इसलिए शहरी क्षेत्र में रूफ टॉप रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग की अपार संभावनाएं है.

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