Court NewsRanchi

केंद्रीय चुनाव आयोग को झारखंड हाइकोर्ट का नोटिस: किस नियम के तहत जेवीएम का सिम्बल खत्म हुआ?

Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट ने केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर पूछा है कि किस नियम के तहत झारखंड विकास मोर्चा का सिम्बल खत्म किया गया है. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की की ओर से जेवीएम पार्टी के सिंबल को समाप्त किए जाने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया गया है. इस मामले में छह सप्ताह बाद सुनवाई होगी.

इसे भी पढ़ें :  हाईकोर्ट ने एसएसपी को बुलाकर पूछा, अधिवक्ता मनोज झा हत्याकांड में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

सुनवाई के दौरान विधायक प्रदीप यादव के अधिवक्ता सुमीत गाड़ोदिया ने अदालत को बताया कि मार्च 2020 में चुनाव आयोग ने यह कहते हुए जेवीएम पार्टी का सिबंल समाप्त कर दिया कि उक्त पार्टी का भाजपा में विलय हो गया है. जबकि चुनाव आयोग को ऐसा करने का अधिकार नहीं है. जहां तक पार्टी के भाजपा में विलय होने की बात है, तो दो तिहाई सदस्य तो उनके पास हैं. ऐसे उन लोगों के बिना सहमति के जेवीएम पार्टी का विलय भाजपा में नहीं हो सकता है. इसलिए चुनाव आयोग की ओर से जेवीएम पार्टी के सिंबल को समाप्त करने के आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए.सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में पक्ष रखने का निर्देश दिया है.

इसे भी पढ़ें : टीम इंडिया को बड़ा झटकाः श्रीलंका में टी-20 मुकाबले से सूर्य, इशान, हार्दिक समेत छह खिलाड़ी बाहर

मालूम हो कि जेवीएम के भाजपा में विलय के दौरान पार्टी में कुल तीन विधायक थे. इसमें बाबूलाल मरांडी केंद्रीय अध्यक्ष थे. वहीं, प्रदीप यादव तथा बंधु तिर्की पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीत कर आए थे. पार्टी का चुनाव पूर्व किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने पार्टी के विलय की घोषणा कर दी. बाबूलाल मरांडी ने भाजपा का दामन थामा. इसके बाद प्रदीप यादव और बंधु तिर्की पार्टी से अलग हो गए. वर्तमान में वह कांग्रेस में हैं. जबकि बाबूलाल मरांडी भाजपा नेता विधायक दल हैं. लेकिन उन्हें अबतक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है.

Related Articles

Back to top button