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निवेश के माहौल के लिहाज से 20 राज्यों में झारखंड नीचे से दूसरा, बिहार अंतिम पायदान पर

निवेश के लिहाज से सबसे पसंदीदा राज्यों में दिल्ली टॉप पर, गुजरात पहले से तीसरे नंबर पर पहुंचा

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New Delhi: अभी दो साल ही हुए हैं, जब झारखंड की रघुवर सरकार इज ऑफ डूइंग बिजनस में देश भर में ऊपर से तीसरे नंबर पर थी. दो साल बाद झारखंड निवेश के लिहाज से देश में सबसे अंतिम पायदान से बस एक ऊपर है. निवेश के माहौल के लिहाज से बिहार अंतिम स्थान पर है और नीचे से दूसरे स्थान पर झारखंड है. इकोनॉमिक थिंक टैंक NCAER की रिपोर्ट से ये बातें निकलकर सामने आई हैं.

NCAER 2018 की रैंकिंग
NCAER 2018 की रैंकिंग- पिछले साल के मुकाबले दो स्थान नीचे लुड़का झारखंड (सौं. इकोनॉमिक टाइम्स)

निवेश के लिहाज से दिल्ली नंबर वन, तमिलनाडु दूसरे स्थान पर, गुजरात तीसरा

कुल 20 राज्यों और एक केन्द्रशासित प्रदेश में हुए सर्वे के बाद ये खुलासा हुआ है कि निवेश के लिहाज से निवेशकों की पहली पसंद दिल्ली है. दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है. पिछले चंद सालों से लगातार निवेश के मामले में पहले स्थान पर काबिज गुजरात फिसलकर तीसरे नंबर पर जा पहुंचा है. NCAER की रिपोर्ट के अनुसार राज्यों की रैंकिंग इस प्रकार है

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निवेशकों के पसंदीदा टॉप-10 राज्य – (NCAER की रिपोर्ट)

1. दिल्ली
2. तमिलनाडु
3. गुजरात
4. हरियाणा
5. महाराष्ट्र
6. केरल
7. आंध्र प्रदेश
8. तेलंगाना
9. कर्नाटक
10. पश्चिम बंगाल

निवेश के लिहाज से निचले पायदान पर राज्य

असम- नीचे से तीसरा (रैंक-19)

झारखंड- नीचे से दूसरा (रैंक-20)

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बिहार- सबसे नीचे (रैंक-21)

पिछले दो सालों में लगातार नीचे लुड़क रहा है झारखंड

2016 में पहली बार NCAER ने राज्यों की रैंकिंग जारी की थी. उस वक्त झारखंड ऊपर से 14वें नंबर पर था. अगले साल यानि 2017 में झारखंड चार स्थान लुड़ककर 18वें नंबर पर आ गया, यानि नीचे से चौथे नंबर पर. वहीं इस वर्ष, यानि 2018 में झारखंड से नीचे सिर्फ एक राज्य रह गया है, वो है बिहार. NCAER की रिपोर्ट की माने तो पिछले तीन सालों में झारखंड के प्रति निवेशकों का उत्साह लगातार कम हुआ है. देश की अग्रणी इकोनॉमिक थिंकटैंक NCAER की र्पोर्ट तो कम से कम यही बताती है कि मोमेंटम झारखंड के बाद राज्य में निवेश का माहौल बेहतर नहीं हुआ, बल्कि निवेशकों का उत्साह ठंडा हुआ है.

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किन मापदंडों पर तैयार की गई रैंकिंग

20 राज्य और एक केन्द्रशासित प्रदेश (दिल्ली) को कुल सात मापदंड़ों पर मापा गया. ये सात पारामीटर थे-भूमि (land), श्रम(labour), बुनियादी ढांचा (infrastructure), आर्थिक वातावरण (economic climate), शासन और राजनीतिक स्थिरता (governance and political stability) और व्यापार धारणाएं (business perceptions.)

रिपोर्ट में हर राज्य के बारे में विस्तार से बताया गया है. एनसीएईआर ने मार्च 2016 में एन-एसआईपीआई (N-SIPI) यानि राज्य निवेश संभावित सूचकांक श्रृंखला शुरू की. पिछले दोनों संस्करणोंमें गुजरात रैंकिंग में नंबर वन था.

NCAER 2017 की रैंकिंग
NCAER 2017 की रैंकिंग- 2017 में चार स्थान नीचे लुड़का था झारखंड (सौं. पीटीआई)

निवेश के मामले में भ्रष्टाचार सबसे बड़ी रुकावट

NCAER की रिपोर्ट में सबसे निचले पायदान पर खड़े राज्यों का हौसला बढ़ाया गया है. बिहार श्रम के मामले में देश भर में सबसे सस्ता राज्य है तो वहीं असम निवेशकों को जमीन मुहैया कराने में नंबर वन स्टेट है. झारखंड खनिज और लोकेशन के लिहाज से सबसे बेहतर राज्य है. रिपोर्ट कहती है कि निवेश की सबसे बड़ी रुकावट प्रशासनिक भ्रष्टाचार है. नीचे के तीनो राज्यों में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए गये हैं.

 

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