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37.5 करोड़ की ब्लैक बंगाल बकरियां खरीदेगी झारखंड सरकार

पशुपालन विभाग का दावा यह नस्ल झारखंड के लिए है उपयुक्त

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Deepak

Ranchi: झारखंड सरकार 37.5 करोड़ रुपये खर्च कर ब्लैक बंगाल बकरियां खरीदेगी. पशुपालन निदेशक चितरंजन कुमार ने बताया कि झारखंड के लिए ब्लैक बंगाल नस्ल काफी उपयुक्त है. इसलिए सरकार की तरफ से भारी संख्या में इस नस्ल की खरीददारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से खरीदे जानेवाले बकरे को आजीविका बढ़ाने के लिए महिला स्वंय सहायता समूहों और व्यक्तिगत स्तर पर लाभुकों के बीच वितरित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से इसके लिए वैसी स्वंय सेवा समितियों अथवा ट्रस्ट का चयन किया जायेगा, जिसके पास तीन वर्ष तक बकरी अथवा बकरा आपूर्ति करने का अनुभव प्राप्त हो.

चयनित संस्थानों को एक वर्ष तक की आपूर्ति संबंधित जिलों के पशुपालन अधिकारियों के पास करनी होगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में बकरीपालन, सुकर पालन और मुर्गीपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी उद्देश्य से पशुपालन विभाग की तरफ से भारी पैमाने पर बकरा खरीदने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है, इससे पहले भी ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरियां खरीदी गयी हैं.

क्या है ब्लैक बंगाल ब्रीड

ब्लैक बंगाल ब्रीड की बकरियां स्वरोजगार के लिए बेहतर बतायी जाती हैं. इसके 10 किलो वजन की बकरी की कीमत पांच हजार रुपये तक है. वैसे मीट वेराइटी की बकरियां 10 किलो, 20 किलो तथा 8 किलो तक के वजन के हिसाब से खरीदी जाती हैं. इसके बारे में बताया जाता है कि दो वर्ष में इश नस्ल की बकरियां तीन से चार बार बच्चा देती हैं. यानी एक बार में चार से पांच बच्चे. इसके रख-रखाव में लाभुकों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है.

झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत भी खरीदी जाती हैं बकरियां

झारखंड राज्य आजीविका मिशन (जएसएलपीएस) के तहत बकरीपालन योजना में बकरियां खरीदी जाती हैं. इसके लिए महिला स्वंय सहायता समूहों के बीच खरीदी गयी बकरियों के वितरण किये जाने की व्यवस्था भी की गयी है. जेएसएलपीएस ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी है, जो महिला उन्मुखीकरण और उनकी आर्थिक दशा सुधारने को लेकर काम कर रही है.

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