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वैक्सीनेशन की दिक्कतों को दूर करने के लिये झारखंड सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

राज्य सरकार चाहती है, अमृतवाहिनी एप के माध्यम से भी हो वैक्सीनेशन

New Delhi: झारखंड में टीकाकरण में आ रही परेशानी के खात्मे के लिये झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर कर अमृतवाहिनी एप के जरिये लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया को मंजूरी दिलाने की मांग की है.

 

राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि राज्य में 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या  1.4 करोड़ से अधिक है. कोरोना का तीसरा फेज रोकने के लिये अधिकाधिक लोगों को वैक्सीन देना जरूरी है. फिलहाल कोविन एप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ रहा है. यह प्रक्रिया जटिल है. सरकार का कहना है कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास स्मार्ट फोन की कमी है. राज्य की बड़ी आबादी डिजीटली फ्रेंडली नहीं है. इसलिये वह वैक्सीन से वंचित रह रहे हैं. ऐसे में अमृतवाहिनी एप के जरिये वैक्सीनेशन की अनुमति मिलनी चाहिये. इस एप में आनलाइन व आफलाइन दोनों व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन हो सकता है.

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गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश डॉ० रवि रंजन और सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ को राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने यह जानकारी दी है. मालूम हो कि उच्चतम न्यायालय ने कोरोना संक्रमण के कारण बनी गंभीर स्थिति और मरीजों को ऑक्सीजन तथा दवाईयों के लिए हो रही परेशानियों को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया है और लगातार इस मामले पर सुनवाई हो रही है.

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