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आदिवासी कल्याण की योजनाओं में अड़ंगा डाल रही झारखंड सरकार : भाजपा

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने पारित किया प्रस्ताव

Ranchi: भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रांची में जारी बैठक में शनिवार को कई अहम विषयों पर राजनीतिक प्रस्ताव पेश किये गये. झारखंड में जनजाति समाज की स्थिति पर कार्यसमिति की बैठक में चिंता जतायी गयी. कहा गया कि केंद्र के स्तर से चलायी जा रही योजनाओं का लाभ एसटी और अन्य वर्गों तक तरीके से नहीं पहुंच रहा है जो चिंताजनक है.

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मध्य प्रदेश के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय नीति एवं शोध प्रभारी डॉ सुमेर सिंह सोलंकी राजनीतिक प्रस्तावों के प्रस्तावक थे. जनजाति कार्य एवं जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री विशेश्वर टुडू एवं केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसका समर्थन किया.

सोलंकी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार तरीके से आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली है. 21 अक्टूबर को देश में 100 करोड़ से भी अधिक लोगों का टीकाकरण हो जाना इसका एक प्रमाण है. पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर पार्टी की ओऱ से चलाये गये सेवा ही संगठन के जरिये भी पार्टी के एसटी मोर्चा के सभी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रयास किये. केंद्र के स्तर से चलायी जा रही योजनाओं से शहर से गांव तक हर वर्ग, धर्म के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आये.

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गैर भाजपाई राज्यों में संकट

कार्यकारिणी की बैठक में वी टुडू ने कहा कि देश के जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, उन राज्यों में केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की गति ठीक नहीं. ऐसे में जनजातीय समाज का विकास प्रभावित हो रहा. बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओड़िशा जैसे राज्य इनमें शामिल हैं. जब से झारखंड में झामुमो, कांग्रेस की सरकार आयी है, तब से अब तक 3700 महिलाओं के खिलाफ अपराध (बलात्कार व अन्य) की घटनाएं दर्ज हुई हैं.

टीएसी के गठन में भी हेमंत सरकार ने दमनकारी नीति अपनायी है. हेमंत सरकार आते ही पश्चिम सिंहभूम में 11 आदिवासियों का सिर काटे जाने की घटना सामने आयी. साहेबगंज में आदिवासी महिला दारोगा रुपा तिर्की की हत्या कर दी गयी. पूर्ववर्ती झारखंड की भाजपा सरकार की एसटी क्लास के लिये शुरू की गयी कई योजनाओं को बंद कर दिया गया.

जनजाति मोर्चा की कार्यसमिति की बैठक में बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर देश भर में मनाये जाने पर सहमति बनी. इसे राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के तौर पर मनाये जाने पर भी विचार हुआ. एसटी समाज के सदस्य चाहे वे देश के किसी भी हिस्से में हों, उन्हें उसी राज्य में एसटी की मान्यता और आरक्षण का लाभ मिले. सभी राज्यों में केंद्र की तर्ज पर राष्ट्रीय एसटी आयोग का गठन किये जाने पर भी बात उठी.

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बैठक में ये भी रहे शामिल

कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, एफ कुलस्ते, वी टुडू, रेणुका सिंह, जॉन बारला के अलावा सांसद दिलीप सैंकिया, दीपक प्रकाश, समीर उरांव, वी ब्रह्मा जी (उप मुख्यमंत्री, त्रिपुरा), रामविचार नेताम सहित कई अन्य भी उपस्थित थे. पहले दिन की बैठक में चार सत्रों का आयोजन हुआ जबकि दूसरे दिन (रविवार को) भी चार सत्रों का आयोजन और समापन होगा.

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