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मॉब लिंचिंग मामले में एक साल बाद भी बंगाल की तर्ज पर कानून लागू नहीं कर सकी झारखंड सरकार : जेएमसीसी

Ranchi : 12 दिसंबर को राजभवन के पास जाकिर हुसैन पार्क के निकट झारखंड मुस्लिम सेंट्रल कमिटी ने मॉब लिंचिंग के लिए सरकार से कड़ा कानून सदन से पारित करने हेतु सांकेतिक धरना दिया. सभा की अध्यक्षता जेएमसीसी के संरक्षक पूर्व पार्षद मो सलाउद्दीन संजू ने की. वहीं संचालन अफरोज आलम व गुलाम जावेद ने संयुक्त रूप से किया.

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धरना में कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्व पार्षद मो असलम ने कहा कि अनगड़ा महेशपुर में मॉब लिंचिंग के घटना में मुबारक खान की मौत हुई थी. इसके बाद झारखंड मुस्लिम सेंट्रल कमिटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था.
मांग की थी कि मॉब लिंचिंग पर बंगाल के तर्ज पर झारखंड में भी कड़ा कानून लागू किया जाए. किंतु एक वर्ष गुजरने के बाद भी कानून लागू नहीं होना हास्यास्पद है. मो सलाउद्दीन ने कहा कि पिछले दिनों अखबारों के माध्यम से यह ज्ञात हुआ कि सरकार मॉब लिंचिंग पर (प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल) कानून (ड्राफ्ट) बना कर धरातल पर उतारने की दिशा में पहल कर चुकी है पर उसमें भी कुछ खामी है.

संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रावधानों में पीड़ित परिवार एवं आश्रितों के जीवन यापन पर भी सरकार को विचार कर ड्राफ्ट तैयार करने की जरूरत है. सचिव नईम अख्तर ने कहा कि मॉब लिंचिंग बिल को सदन में लाने की आवाज उठाने और बिल पास कराने के लिए मांडर विधायक सह कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, बगोदर विधायक विनोद सिंह से मिलकर बिल के समर्थन में ज्ञापन दिया गया है. सभी ने आश्वासन दिया कि आने वाले विधानसभा सत्र में बिल पर सदन में चर्चा करेंगे.

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