न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

ब्लैक लिस्टेड कंपनी से अंडा खरीद रही है झारखंड सरकार

2,454
  • राज्य भर के 38 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में दिया जा रहा सप्ताह में तीन दिन अंडा
  • प्रत्येक सप्ताह पोषाहार के नाम पर खरीदे जा रहे हैं 6.30 लाख अंडे

Deepak

Ranchi: झारखंड सरकार कर्नाटक में ब्लैकलिस्टेड कंपनी क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स इंडस्ट्रीज की अनुषंगी इकाई किसान पोल्ट्री फॉर्म से आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अंडा खरीद रही है. एक अंडा 5.93 रुपये की दर से खरीदा जा रहा है. क्रिस्टी फ्रइडग्राम्स इंडस्ट्रीज तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखंड समेत अन्य राज्यों में अंडे की आपूर्ति कर रही है.

hosp3

इस कंपनी के खिलाफ कर्नाटक के लोकायुक्त की पहल पर सर्वोच्च न्यायालय में मामला लंबित है. जानकार बताते हैं कि क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स ने अपनी शेल कंपनी खोली है, जिसका नाम किसान पोल्ट्री फॉर्म है. इस कंपनी के द्वारा भाजपा शासित 10 से अधिक राज्यों में मध्याह्न भोजन और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अंडे की आपूर्ति की जाती है. कर्नाटक में 2014 में ही क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स को काली सूची में डाल दिया गया है. इस कंपनी पर किसी भी सरकारी महकमे में आपूर्ति करने पर रोक लगी हुई है.

24 नवंबर 2018 को पड़ा था छापा

24 नवंबर 2018 में किसान पोल्ट्री फॉर्म, क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स के कई ठिकानों पर सामूहिक आयकर छापा पड़ा था, जिसमें 24 सौ करोड़ रुपये के लेनदेन के दस्तावेज हाथ लगे थे. इसमें तमिलनाडु सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक सुधा देवी और कांट्रैक्टर टीएस कुमारस्वामी की कंपनियों के 76 ठिकाने शामिल थे.

टीएस कुमारस्वामी ही क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स के मालिक हैं. कंपनी पर डीमोनेटाइजेशन के दौरान शेल कंपनी खोल कर पुराने कैश को व्हाइट करने का भी आरोप लग चुका है. कंपनी पर गलत तरीके से समेकित बाल विकास परियोजना में अंडे की आपूर्ति को लेकर कार्यादेश हासिल करने का गंभीर आरोप भी लग चुका है.

झारखंड सीएम से भी कंपनी के खिलाफ की गयी है शिकायत

राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास खाद्य सुरक्षा के अधिकार से जुड़े कार्यकर्ताओं ने क्रिस्टी फ्राइडग्राम्स की कारगुजारियों की शिकायत की है. इसमें कहा गया है कि कंपनी द्वारा आपूर्ति किये गये अंडे की गुणवत्ता काफी खराब है. जो अंडा आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा जा रहा है, उसमें से अधिकतर सड़े हुए निकल रहे हैं. यहां यह बताते चलें कि झारखंड में राष्ट्रीय औसत की तुलना में 47.8 फीसदी बच्चे कमजोर और नाटे कद के हैं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. राट्रीय स्वास्थ्य और पारिवारिक सर्वेक्षण-4 की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश भर में 35.8 फीसदी बच्चे कमजोर और नाटे कद के हैं, जिन्हें समुचित पोषाहार नहीं मिलता है.

हमें इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं: निदेशक, समाज कल्याण

समाज कल्याण निदेशक मनोज कुमार का कहना है कि किसान पोल्ट्री फॉर्म की तरफ से अंडे की आपूर्ति झारखंड में की जा रही है. कंपनी के काली सूची में होने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है. अब तक इसकी आधिकारिक सूचना भी नहीं मिली है. न्यूज विंग संवाददाता ने जब उन्हें इस बात की जानकारी दी, तो उन्होंने कहा कि तथ्यों का पता लगा कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि 38,500 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन अंडा दिया जाता है. यह रेडी टू ईट फूड पैकेट के अलावा अतिरिक्त पोषाहार है. उन्होंने कहा कि सप्ताह में 6.30 लाख अंडे राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीद रही है.

इसे भी पढ़ेंः लद्दाख में बर्फीले तूफान में 10 लोग लापता

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: