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झारखंड सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर फिर लगाया प्रतिबंध

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  • इससे पहले फरवरी 2018 को लगाया गया था प्रतिबंध
  • अगस्त 2018 को हाई कोर्ट ने प्रतिबंध हटा दिया था
  • संगठन पर देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने लग चुका है आरोप

Ranchi : झारखंड सरकार ने विवादित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को दोबारा प्रतिबंधित कर दिया है. इससे पहले इस संगठन को झारखंड सरकार ने फरवरी 2018 में प्रतिबंधित किया था, जिसके बाद झारखंड हाई कोर्ट ने अगस्त 2018 में पीएफआई पर से प्रतिबंध हटा दिया था. पीएफआई संगठन को सीएलए एक्ट 1908 की धारा 16 के तहत प्रतिबंधित किया गया है. विशेष शाखा ने पीएफआई की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर रिपोर्ट तैयार की थी. पीएफआई का उदय मूल रूप से केरल राज्य से हुआ है. पीएफआई झारखंड के पाकुड़, जामताड़ा और साहेबगंज जिलों में सक्रिय है.

पीएफआई झारखंड चैप्टर के महासचिव ने हाई कोर्ट में दायर की थी अर्जी

अगस्त 2018 में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगे प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था. पीएफआई झारखंड चैप्टर के महासचिव अब्दुल वदूद ने प्रतिबंध हटाने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में अर्जी दायर की थी. उनकी याचिका पर सुनवाई करने के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने पीएफआई पर से प्रतिबंध हटा दिया था.

नये सबूतों और तथ्यों को बनाया गया है प्रतिबंध का आधार

हाई कोर्ट द्वारा प्रतिबंध हटाये जाने के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय को पीएफआई के खिलाफ नये तथ्य और सबूत मिले हैं, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय की तरफ से नये सिरे से पीएफआई को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया था. पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव में जिक्र है कि पीएफआई के रिश्ते आतंकी संगठन आईएसआईएस से हैं.

देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का लग चुका है आरोप

मिली जानकारी के अनुसार केरल और पश्चिम बंगाल में संगठन के लोगों के देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर कई एफआईआर भी दर्ज हैं. झारखंड के पाकुड़, जामताड़ा और साहेबगंज में पीएफआई की पैठ को मजबूत करने के लिए कई तरह की गतिविधियां चलायी जा रही हैं. पीएफआई झारखंड में सबसे ज्यादा पाकुड़, साहेबगंज और जामताड़ा में सक्रिय है. इन तीनों जिलों में संगठन ने अपने हजारों सदस्य बनाये हैं. संगठन पर देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का कई बार आरोप लग चुका है.

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