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Jamshedpur Good News: चाकुलिया में खुला झारखंड का पहला फोर्ट‍िफाइड राइस प्लांट, इस तरह तैयार होगा पोषण से भरपूर चावल

Rajesh Chowbey, Ghatshila: पूर्वी सिंहभूम जिला के चाकुलिया में झारखंड का पहला फोर्ट‍िफाइड राइस प्लांट खुल गया है. शहर के नया बाजार क्षेत्र में न्यू विट फूड्स के नाम से खुला यह प्लांट कुपोषण को दूर भगाने तथा गरीबों को पोषण युक्त चावल मुहैया कराने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को साकार करेगा. क्षेत्र के दौरे पर आई नीति आयोग की टीम ने भी फोर्ट‍िफाइड राइस प्लांट का दौरा कर उत्पादन का जायजा लिया.

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प्लांट के संचालक सौरव शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त 2021 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के हर व्यक्ति तक पोषण युक्त चावल पहुंचाने की घोषणा सुनने के साथ ही उन्होंने फोर्ट‍िफाइड राइस प्लांट बैठाने का निश्चय कर लिया. इसके साथ ही सौरव शर्मा अपने चार साझेदारों माया शर्मा, राजश्री रुंगटा एवं सरिता रुंगटा के साथ मिलकर प्लांट निर्माण की तैयारियों में जुट गए. करीब 6 महीने के प्रयास के बाद उनका प्लांट स्थापित हो गया. एफएसएसएआई से मान्यता भी मिल गई और पिछले सप्ताह उत्पादन भी शुरू हो गया. सौरभ ने बताया कि फिलहाल प्लांट की उत्पादन क्षमता 3 टन प्रतिदिन है. इसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा क्योंकि हर तरफ से फोर्ट‍िफाइड चावल की मांग आ रही है. झारखंड राज्य के लिए भी उन्होंने टेंडर भरा हुआ है.

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कैसे तैयार होता है फोर्ट‍िफाइड चावल
प्लांट में पहले सामान्य चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है. फिर इसमें निर्धारित मात्रा में आयरन, विटामिन B12 तथा फोलिक एसिड मिलाया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण को प्लांट में डाला जाता है जो इसे चावल का रूप दे देता है. फिर इसे ड्रायर में सुखाने के बाद बोरी में पैक किया जाता है. इससे यह सामान्य चावल से पोषण युक्त चावल बन जाता है. सामान्य चावल से थोड़ा मोटा एवं खुरदरा होने के कारण कई बार इसे लोग प्लास्टिक का चावल समझ लेते हैं.

झारखंड के 5 जिलों में फिलहाल होगी आपूर्ति
झारखंड में फिलहाल 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर फोर्ट‍िफाइड चावल की आपूर्ति की जाएगी. इस संबंध में सरकार की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है. इसमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, दुमका, हजारीबाग एवं रांची जिला को शामिल किया गया है. पहले पूरे राज्य में सिर्फ पूर्वी सिंहभूम जिला के चाकुलिया एवं धालभूमगढ़ प्रखंड को ही पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया था. फोर्ट‍िफाइड चावल की आपूर्ति बाल विकास परियोजना यानी आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तथा जन वितरण प्रणाली के माध्यम से कार्ड धारियों के बीच की जाएगी. सरकार की योजना वर्ष 2024 तक हर गरीब के घर पोषण युक्त चावल पहुंचाने की है.

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