JharkhandLead NewsRanchi

Jharkhand: सरकारी तंत्र के निकम्मेपन से अटकी है केंद्र से मंजूर 200 करोड़ की सहायता राशि

दो माह बाद भी तैयार नहीं हो पायी यास तूफान से नुकसान की रिपोर्ट

Amit Jha

Ranchi: मई के अंतिम सप्ताह में यास तूफान झारखंड के कई हिस्सों में तबाही का मंजर छोड़ गया. केंद्र की मानें तो इसके कारण 4 लोगों को जान गंवानी पड़ी. 3 मवेशी भी मारे गये. 1508 परिवारों का आशियाना (झोपड़ी, कच्चे मकान) उजड़ गये. लगभग 75 हेक्टेयर (74.94) में फसलों का नुकसान हुआ. सरकारी तंत्र अब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं तैयार कर सका. महज दो जिलों से ही आधी अधूरी रिपोर्ट मिलने की खबर है. जब तक जिलों से कंपाइल रिपोर्ट नहीं मिलेगी, केंद्र से इसके लिये जरूरी आर्थिक मदद मिल नहीं सकेगी. ऐसे में सरकारी तंत्र के निकम्मेपन के कारण भुक्तभोगी राहत की आस लगाये दिन गिन रहे हैं.

इसे भी पढ़ेः2.59 लाख कोयला कर्मियों को 50 % वेतन वृद्धि मिलना मुश्किल, CMD ने यूनियन को बताई वजह

Sanjeevani

केंद्र ने दी है 200 करोड़ की स्वीकृति

केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) के मुताबिक चक्रवाती तूफान यास ने झारखंड सहित पश्चिम बंगाल और ओडिसा को काफी प्रभावित किया था. राज्य सरकार को इस आपदा के लिये एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि) से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है. अब तक यास से राहत के प्रबंधन हेतु एनडीआरएफ से अग्रिम राशि के रुप में झारखंड को 200 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है. ओड़िसा को 500 करोड़ और बंगाल को 300 करोड़ आवंटित किये गये हैं. इसके अतिरिक्त केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये एसडीआरएफ में 8873.60 करोड़ रुपये के केंद्रीय अंश की पहली किस्त 29 अप्रैल, 2021 को एडवांस के तौर पर चक्रवात प्रभावित राज्यों सहित सभी राज्यों को जारी की थी.

खाद्य सुरक्षा मंच ने लगायी फरियाद

यास तूफान का असर पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाकों में खूब देखा गया था. इसके बाद खाद्य सुरक्षा मंच, पश्चिमी सिंहभूम ने तूफान प्रभावितों के बीच सर्वे किया था. मंच के मानकी तुबिद के मुताबिक यास तूफान से जिले में 104 परिवारों को तबाही झेलनी पड़ी है. डीसी अनन्य मित्तल से मंच ने जून में ही मिलकर बताया था कि मृतक के परिजन और भुक्तभोगियों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. सर्वे के मुताबिक जिले के 7 प्रखंडों के 22 पंचायतों (33 गांव) में सर्वे के क्रम में 104 परिवारों पर तूफान का असर पड़ा है.

इनमें से 19 परिवार तो ऐसे हैं जिनके पास दो सप्ताह से भी कम समय का खाने को अनाज बचा था. 9 परिवारों के पास हरा कार्ड तक नहीं था. इसके अलावे भी कई ऐसे परिवार हैं जो कठिन संकट से जूझ रहे हैं. सदर प्रखंड की गर्भवती जानकी सुंडी का घर तुफान में गिर गया और उसकी मौत हो गयी. कई परिवारों ने लोन लेकर अपना घर किसी तरह फिर से खड़ा किया. जमीन गिरवी रखनी पड़ी है. मंच ने राहत दिये जाने के संबंध में 17 अगस्त को भी फिर से डीसी से अपील की है.

इसे भी पढ़ेःलालू के बड़े बेटे को नहीं पहचानते जगदानंद सिंह, पूछा- कौन है तेजप्रताप ?

क्या है स्थिति

केंद्र से एनडीआरएफ मद से राज्य के लिये 200 करोड़ रुपये तय किये जा चुके हैं. पर इसे पाने को सभी जिलों से तूफान से नुकसान संबंधी विस्तृत रिपोर्ट की मांग की गयी है. प्रावधान के मुताबिक एनडीआरएफ मद से लाभ पाने की शर्त यही है कि सभी जिलों की रिपोर्ट एक साथ तैयार कर केंद्र को मेमोरेंडम भेजा जायेगा. इसके बाद ही पैसा भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी. फिलहाल 2 जिलों ने ही अपनी रिपोर्ट भेजी है जिन्हें प्रॉपर तरीके से पूरी जानकारी के साथ फिर से रिपोर्ट देने को आपदा प्रबंधन विभाग (झारखंड) ने कहा है.

सरकार की है नजर: सचिव

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने न्यूज विंग से कहा कि एनडीआरएफ निधि से 200 करोड़ स्वीकृत हुए हैं. अब इसके लिये केंद्र को मेमोरेंडम जल्द से जल्द भेजे जाने की कोशिश है. जिलों से रिपोर्ट का इंतजार है. मिलते ही शीघ्र ही केंद्र को जानकारी दी जायेगी. सरकार की इस मामले पर पूरी नजर है.

इसे भी पढ़ें :रिम्स में महिला मरीज को बाथरूम में खींचकर दुष्कर्म का प्रयास, आरोपी लैब टेक्नीशियन गिरफ्तार

 

Related Articles

Back to top button