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#JharkhandElection : समर्थक को टिकट नहीं मिलने से  नाराज सुबोधकांत नहीं पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में

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Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अंदर एक बार फिर गुटबाजी चरम पर दिखाई दे रही है. पार्टी से दो बार सांसद रहे और केंद्रीय मंत्री तक बने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय लोकसभा चुनाव की तरह अब विधानसभा चुनाव में भी नाराज चल रहे हैं.

सहाय की नाराजगी उनके समर्थक को टिकट नहीं दिये जाने को लेकर है. सोमवार को हटिया और मांडर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों ने नामांकन भरा लेकिन सुबोधकांत नहीं पहुंचे.

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विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि वर्तमान प्रदेश नेतृत्व से सुबोधकांत की जिस तरह पटरी नहीं बैठ रही है उससे प्रतीत होता है कि वह चुनाव प्रचार से दूर भी रह सकते हैं.

बता दें कि सोमवार को हटिया और मांडर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में क्रमशः अजय नाथ शाहदेव और सन्नी टोप्पो ने अपना नामांकन भरा.

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पुरजोर लॉबिंग की, पर नाकाम रहे

दावा किया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इस बार के विधानसभा चुनाव में हटिया और रांची विधानसभा से अपने समर्थक को टिकट दिलाने के लिए पुरजोर लॉबिंग कर रहे थे लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुए.

अपने समर्थकों को टिकट नहीं दिये जाने के कारण ही वे नाराज बताये जा रहे हैं. हटिया सीट से विनय सिन्हा दीपू को उनका नजदीकी माना जाता था. पिछले कई वर्षो से वह हटिया विधानसभा क्षेत्र में काफी सक्रिय थे. लेकिन उनके जगह पार्टी ने अजय नाथ शाहदेव पर दांव खेला है.

वहीं रांची सीट पर सुबोधकांत सहाय प्रदेश कांग्रेस के सचिव रह चुके आदित्य विक्रम जायसवाल के लिए लॉबिंग कर रहे थे. लेकिन रांची सीट इस बार गठबंधन के तहत जेएमएम के पाले में चली गयी है. यहां से गठबंधन प्रत्याशी महुआ माजी चुनाव लड़ रही हैं.

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लोकसभा चुनाव के बाद भी दिखा था संघर्ष

ऐसा नहीं है कि विधानसभा चुनाव के दौरान ही सुबोधकांत पार्टी गतिविधियों से कटे हुए दिख रहे हैं. इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 के बाद मिली हार को लेकर उन्होंने तत्कालीन प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया था.

उस समय के प्रदेश अध्य़क्ष रहे डॉ अजय कुमार पर सुबोधकांत ने अपनी हार का सारा ठीकरा फोड़ा था. बात इतनी बढ़ी की डॉ अजय ने कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया.

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