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#JharkhandElection: सरयू राय ने बताया आखिर क्यों जरूरी हो गया था रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ना

बीजेपी के ‘65 प्लस’ नारे पर सरयू का दो टूक जवाब इसबार केवल ‘25 प्लस’

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Jamshedpur: इस बार का झारखंड विधानसभा चुनाव कई मायनों में रोचक हो गया. जहां एक ओर बीजेपी-आजसू का गठबंधन टूटा, वहीं रघुवर सरकार में मंत्री रहे सरयू राय ने उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है.

रघुवर दास को कड़ी टक्कर दे रहे उनके ही कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने इंडियन एक्सप्रेस को दिये एक इंटरव्यू में बताया कि आखिर उनके लिए रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ना क्यों जरुरी हो गया था. उन्होंने कहा कि व्यक्ति के सम्मान की जब बात आती है तो फिर चुप बैठना ठीक नहीं.

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एक बेईमान व्यक्ति की राय को तवज्जो मिले और मुझे सरकार के खिलाफ बोलने वाला बताया गया. जबकि मेरी बातों को भी सुना जाना चाहिए था, मेरी बातों में मेरिट को आंकना चाहिए था. लेकिन ऐसा हुआ नहीं तो मैंने पूर्वी से चुनाव लड़ने का फैसला किया.

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‘सीएम ने मलाईदार पद अपने पास रखें’

सरयू राय ने कहा कि मुख्यमंत्री को लगने लगा है कि झारखंड में वो ही एक हैं बाकी कोई नहीं. मेरी जिन बातों को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने नहीं सुना उन बातों को जनता को बता रहा हूं. बीते पांच साल में भ्रष्टाचार और अनियमतता के ढेरों मसले हैं जिन्हें सामने लाना है.

बात बढ़ाते हुए सरयू राय ने कहा कि चुनाव में हार और जीत होते रहती है. लेकिन सिर्फ जीतने के लिए युद्ध नहीं लड़ा जा सकता. बातों को समझाते हुए सरयू राय कहते हैं कि राज्य के कैबिनेट में कुल 30 विभाग है जिसमें से 16 विभाग सीएम के पास है वो भी ऐसे विभाग जिसे मलाईदार कहा जाता है.

‘होल्ड पर नहीं रखना था टिकट’

टिकट होल्ड करने पर सरयू राय ने कहा कि जब पहली लिस्ट जारी हुई और उसमें मेरा नाम नहीं था तो फौरन वो रांची से दिल्ली गए. पार्टी नेतृत्त्व को साफ कहा कि अगर टिकट नहीं देना है तो न दें लेकिन साफ-साफ बता दें.

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केंद्रीय नेत्तृत्व ने भरोसा दिया और चुनाव की तैयारी को लेकर मैंने कि सीएम अपने समर्थकों से कहते चल रहे हैं कि इस बार सरयू को टिकट नहीं मिलेगा, इसके बावजूद भी मुझे आश्वस्त किया गया. वापस लौटने पर अगली तीन लिस्ट में नाम नहीं होना बड़ा दुखद था, तब मैंने फैसला किया कि पार्टी में रहना अब उचित नहीं.

‘भाजपा चल रही कांग्रेस के रास्ते’

सरयू राय ने साफ कहा कि भाजपा भी अब कांग्रसे के रास्त चलने लगी है. भाजपा ‘बाई हुक और क्रुक’ केवल सरकार बनाना चाहती है. जैसे कि महाराष्ट्रा और दूसरे राज्य में हुआ. इसके उलट भाजपा को मैनडेट मिला था कि भाजपा एक नया रास्ता बनाए.

लेकिन कुछ नया करने की बजाये भाजपा कांग्रेस की नकल पर उतर गई है. झारखंड में बीजेपी के नारे 65 प्लस पर सरयू राय ने दो टूक कहा कि इस बार केवल ‘25 प्लस’.

सरयू पर भुखमरी का आरोप

सरयू राय से पूछे जाने पर कि उनके मंत्री काल में ही झारंखड में भुखमरी से सैकड़ों लोगों की मौत हुई क्या वो इसके लिए जिम्मेदार नहीं. सरयू राय ने इस पर केवल इतना कहा कि झारखंड में बीते पांच वर्षो में भुखमरी से मौत सबसे ज्यादा दुखद घटना है.

लेकिन इसके लिए उपाय करना ये उनके मंत्रालय का काम नहीं था. मुझपर आरोप लगे कि मेंरे मंत्रालय की लचर योजनाओं के चलते ऐसा हुआ लेकिन सच्चाई ये है कि ये न्यूट्रीशन और हेल्थ विभाग का मसला था मेरा नहीं. मैंने बस इतना किया राशनकार्ड होल्डरों को समय पर राशन मिले.

इसके अलावा राज्य के हर मुखिया को 10,000 रुपए के बैंक बैलेंस की व्यवस्था दी ताकि उनके क्षेत्र में जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं उन्हें फौरन 2000 का राशन मिल सके. फिर भी इस आरोप में मुझे जबरन घसीटा गया.

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