न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#JharkhandElection : बीजेपी के 10 सीटिंग विधायकों का टिकट कटा, दूसरे दलों से आये पांच नेताओं को मौका

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का टिकट कटा, लोकसभा चुनाव हारे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष को चक्रधरपुर से मिला टिकट

1,614

Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने प्रत्याशियों के नामों की पहली सूची जारी कर दी है. सूची में जहां 10 सीटिंग विधायकों का टिकट काटा गया है, वहीं हाल ही में दूसरे दलों को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए सीटिंग विधायक पूरी तरह सुरक्षित रहे हैं.

इसमें कांग्रेस और जेएमएम छोड़ कर आये सीटिंग विधायकों का नाम प्रमुखता से शामिल है. सूची में एक बात जो खूब चर्चा का विषय बनी है, वह यह है कि जहां बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्य़क्ष को टिकट नहीं मिला है वहीं लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव हारे वर्तमान प्रदेश अध्य़क्ष लक्ष्मण गिलुवा को चक्रधरपुर से टिकट दिया गया है.

इसे भी पढ़ें : बोकारो विधायक बिरंची का वीडियो वायरल होने के बाद बोकारो #BJP बैकफुट पर!

10 सीटिंग विधायकों का टिकट कटना चर्चा का विषय

बीजेपी ने प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, उसमें सबसे आश्चर्यजनक यह रहा कि वर्तमान में सीटिंग 10 विधायकों को टिकट नहीं मिला है.

जिन 52 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है, उनमें 30 विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है. वहीं 10 मौजूदा विधायकों का टिकट कटा है.

Mayfair 2-1-2020

जिन विधायकों का टिकट कटा है, उसमें बोरियो से ताला मरांडी,  सिमरिया से गणेश गंझू, चतरा से जयप्रकाश भोक्ता, सिंदरी से फूलचंद मंडल, झरिया से संजीव सिंह, घाटशिला से लक्ष्मण टुडू, गुमला से शिवशंकर उरांव, सिमडेगा से विमला प्रधान, मनिका से हरेकृष्ण सिंह और छतरपुर से राधाकृष्ण किशोर शामिल हैं.

दूसरे दल से बीजेपी में शामिल हुए 5 नेता सुरक्षित

सीटिंग विधायकों के नाम काटे जाने के अलावा दूसरे पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले सीटिंग विधायकों को टिकट दिया गया है.

Sport House

इसमें बहरागोड़ा से कुणाल षाड़ंगी, भवनाथपुर से भानुप्रताप शाही, पांकी से शशिभूषण मेहता, मांडू से जेपी पटेल और बरही से मनोज यादव का नाम शामिल है. इसमें कुणाल और जेपी पटेल जेएमएम छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे.

वहीं शशिभूषण मेहता ने 2014 का चुनाव निर्दलीय और 2016 का पांकी उपचुनाव जेएमएम के टिकट पर लड़ा था. मनोज यादव कांग्रेस के सीटिंग विधायक हैं.

उन्होंने 2019 का लोकसभा भी कांग्रेस के टिकट पर चतरा संसदीय सीट से लड़ा था. नौजवान संघर्ष मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही ने भी हाल ही में बीजेपी की सदस्यता ली थी.

इसे भी पढ़ें : रांची :  चाईबासा के बाद गुमला युवा कांग्रेस टीम ने दिया इस्तीफा, अब नजर प्रदीप बलमुचू पर

मेहता की सदस्यता का हुआ था विरोध

बीजेपी के टिकट पर पांकी के प्रत्याशी बनाये गये शशिभूषण मेहता तो बीजेपी की सदस्यता लेने के समय से चर्चा में रहे थे. उन्हें वर्ष 2012 की चर्चित सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड के आरोपी बताया गया था.

ऑक्सफोर्ड स्कूल की वार्डेन सुचित्रा की 11 मई 2012 को हत्या हुई थी. जांच के दौरान मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के आधार पर ऑक्सफोर्ड स्कूल के डायरेक्टर शशिभूषण मेहता का नाम इस हत्याकांड में शामिल हुआ था.

मेहता के बीजेपी में शामिल होने की सूचना पर उनके दोनों बेटे अभिषेक मिश्रा और आशुतोष मिश्रा ने अपनी मामी के साथ प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंच कर जमकर हंगामा किया था और मेहता के बीजेपी में सदस्यता लेने का विरोध किया था.

कुणाल के आने से पूर्व प्रदेश अध्य़क्ष का कटा टिकट

बहरागोड़ा सीट पर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी का नाम प्रत्याशियों की लिस्ट में नहीं होना राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है.

बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में बहरागोड़ा से दिनेशानंद गोस्वामी बीजेपी के प्रत्याशी थे. हालांकि वे जेएमएम प्रत्याशी रहे कुणाल षाडंगी से चुनाव हार गये थे. लेकिन उन्होंने कड़ी टक्कर दी थी.

कुछ दिन पहले जब कुणाल षाडंगी ने बीजेपी की सदस्यता ली थी, तभी से यह अटकलें तेज थी कि उनका टिकट कट सकता है.

इसे भी पढ़ें : #Politicalgossip: हे चुनाव देवता… आप जे ना कराये !

SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like