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झारखंड शिक्षा विभाग : अधिकारियों के पास आरडीडीइ से डीएसइ तक का प्रभार, काम पर पड़ रहा असर 

Ranchi : झारखंड के शिक्षा विभाग के अधिकारी काम के बोझ तले दबे हुए हैं. अधिकारियों की कमी की वजह से शिक्षा सेवा संवर्ग के अधिकारियों को ना केवल मूल जिले के काम संभालने पड़ रहे हैं बल्कि एक साथ कई जिलों के डीईओ और डीएसई जैसे महत्वपूर्ण पदों के काम भी करने पड़ रहे हैं. यूं कहें तो राज्य के 24 जिले में से लगभग आधे जिले की शिक्षा व्यवस्था प्रभार भरोसे चल रही है.

 

इसका नतीजा यह हो रहा है कि कई तरह के काम प्रभावित हो रहे हैं. शिक्षकों के वेतन में देरी हो रही है, तो कभी विभिन्न तरह की खरीदारी के बिल पेंडिंग होते जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों की मनमानी भी खूब चल रही है. आलम यह है कि बीईईओ और प्रखंड के अकाउंटेंट बिल पास करने को लेकर शिक्षकों से ही घूस लेने लगे हैं. वहीं विभागीय स्तर पर जो जानकारी जिलों से मांगी जाती है, उसे देने में भी देर होती है. राज्य में शिक्षा सेवा संवर्ग के 70 से अधिक पद रिक्त हैं. अभी हाल में ही जेपीएससी की ओर से ली गई छठी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से 35 पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है.

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आरडीडीई से लेकर डीएसइ तक का प्रभार

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अधिकारियों की कमी की वजह से स्थिति यह है के कई जिलों में अधिकारियों को आरडीडीई से लेकर डीएसइ तक की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. इसका बेहतरीन उदाहरण दुमका जिले की डीईओ हैं. इनके जिम्में दुमका जिला के अलावा हजारीबाग आरडीडीइ और हजारीबाग जिले का जिला शिक्षा अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद भी हैं. ऐसी स्थिति बीते एक साल से है. कुछ ऐसी ही स्थिति राजधानी रांची जिले की है. यहां के आरडीडीइ को ही रांची जिले का जिला शिक्षा पदाधिकारी भी बनाया गया है. दोनों ही पद पर ये पिछले 8 महीने से सेवा दे रहे हैं.

 

5 जिले ही ऐसे जहां अलग-अलग हैं डीईओ और डीएसई

राज्य के जिलों की स्थिति ऐसी है कि राज्य में केवल 5 जिले ही ऐसे हैं जहां जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक दोनों अलग-अलग हैं. इसके अलावा 12 जिले से हैं जहां जिला शिक्षा अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी में से किसी एक पद पर ही अधिकारी मौजूद है और दूसरा पद प्रभार के भरोसे हैं.

 

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव संदीप कुमार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा और पलामू इन तीन जिलों में डीएसइ रिटायर कर चुके हैं. जिनकी जगह पर प्रभार के भरोसे काम लिया जा रहा है. इसमें पलामू के डीईओ को ही डीएसइ का भी प्रभार दिया गया है. पूर्वी सिंहभूम के डीएसइ के रिटायर होने पर डीईओ को प्रभार दिया गया है. जबकि लोहरदगा के जिला शिक्षा अधीक्षक के रिटायर होने पर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्या को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

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