Crime NewsJharkhandNationalPalamu

Jharkhand : दिल्ली में बंधक बने मनातू के दो बाल मजदूरों का सीडब्ल्यूसी ने किया रेस्क्यू, चूड़ी फैक्ट्री में कर रहे थे मजदूरी

Palamu : दिल्ली की एक चूड़ी फैक्ट्री में बंधक बने दो बाल मजदूरों को पलामू सीडब्ल्यूसी ने रेस्क्यू कराया है. दोनों बाल मजदूर मनातू प्रखंड के मंझौली गांव के रहने वाले हैं. एक की उम्र 12, जबकि एक की 13 वर्ष है. रेस्क्यू करने के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार करीब सात महीने पहले दोनों बच्चों को बहला फुसला कर बिहार के शेरघाटी के कुख्यात मानव तस्कर दिलनवाज खां अपने साथ दिल्ली ले गया था. दोनों को जहांगीरपुर में संचालित एक चुड़ी फैक्ट्री में काम पर लगा दिया था. दोनों को तीन-तीन हजार रूपए देने की बात कहकर अपने साथ ले जाया गया था.

इसे भी पढ़ें : हो जायें सावधानः रिम्स में बढ़ने लगे कोरोना के मरीज, आइसीयू में सात मरीज

परिजन जब भी बच्चों से बात करना चाहते थे, फोन काट दिया जाता था. फैक्ट्री का मालिक अनवर खां बातचीत के दौरान एक वर्ष बाद बच्चों को भेजने की बात करता था.

तमाम प्रयास के बाद भी जब बच्चे अपने घर नहीं लौटे तो परिजनों के द्वारा इस संबंध में पलामू सीडब्लूसी से शिकायत की गयी. शिकायत पर दिल्ली में कार्यरत रेस्क्यू टीम से संपर्क किया गया. टीम के द्वारा कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को चूड़ी फैक्ट्री से बरामद किया गया. गत 19 जून को दोनों बच्चे दिल्ली से वापस लाये गए.

गुरूवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बच्चों के परिजनों ने सीडब्ल्यूसी को बताया कि शेरघाटी के तस्कर दिलनवाज खां की मित्रता उनके एक रिश्तेदार (बच्चों के मामा) से थी.

मिलने जूलने के दौरान दिलनवाज ने बच्चों को बहलाया फुसलाया और अपने साथ ले गया. सात माह के दौरान बच्चों को तय की गयी मजदूरी भी नहीं दी. खाना-पीना भी बेहतर नहीं दिया जाता था.

इसे भी पढ़ें :Team India को मैच से पहले इस कोच ने दी थी Sex की सलाह, किया चौंकाने वाला खुलासा

Related Articles

Back to top button