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झारखंड में महागठबंधन का बदेलगा स्वरूप ? अब 8 + 4 + 2 हो सकता है फॉर्मूला, कांग्रेसी देगी पलामू से प्रत्याशी !

5 बार पलामू जीतने वाली कांग्रेस पार्टी का दावा दिखता है मजबूत

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Nitesh Ojha

Ranchi: आरजेडी नेता सुभाष यादव के चतरा से प्रत्याशी बनाए जाने पर यह तो तय है कि झारखंड में महागठबंधन टूटने की कगार पर है.

रविवार को कांग्रेस, जेएमएम और जेवीएम ने क्रमशः 7, 4 और 2 सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी. वही 1 सीट (पलामू) उन्होंने आरजेडी के लिए छोड़ी थी. उनके इस घोषणा के बाद से ही आरजेडी पलामू सहित चतरा देने की भी मांग पर अड़ा था.

जबकि गठबंधन में चतरा सीट कांग्रेस के खाते में गई थी. कांग्रेस ने पहले ही साफ कर दिया था कि वो चतरा सीट पर समझौता नहीं करनेवाली है.

अब आरजेडी के चतरा और पलामू में प्रत्याशी बनाए जाने पर यह सवाल बनता है कि पलामू सीट पर महागठबंधन का कौन सा दल किसे अपना उम्मीदवार बनाता है.

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अब 8 + 4 + 2 हो सकता है फॉर्मूला

अगर ऐसा होता है तो 7 + 4 + 2 +1 वाला महगठबंधन का स्वरूप 8 + 4 + 2 का हो सकता है. राजनीति गलियारों में चर्चा है कि ऐसा होने पर यहां से कांग्रेस अपना प्रत्याशी खड़ा कर सकती है.

अगर आजादी के बाद से कई लोकसभा चुनाव के परिणाम को देखें, तो महागठबंधन में शामिल होने से पहले ही कांग्रेस का पलड़ा पलामू संसदीय सीट पर भारी रहा है. ऐसे में एकबार फिर कांग्रेस पलामू में जीत का स्वाद चखने से पीछे भी नहीं हटेगी.

पूर्व डीजीपी को पार्टी बना सकती है प्रत्याशी

पलामू से अगर कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी खड़ा करती है, तो यह सवाल भी बनता है कि पार्टी की तरफ से किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा. पार्टी के पुख्ता सूत्रों ने बताया कि पूर्व डीजीपी राजीव कुमार या पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा को पार्टी यहां से प्रत्याशी बना सकती है.

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पूर्व डीजीपी को प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार का काफी करीबी माना जाता है. कुछ दिन पहले जब राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी रांची दौरे पर थे, उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी आरपीएन सिंह ने राहुल के मंच पर ही राजीव कुमार को पार्टी में शामिल किया था.

अगर राजीव कुमार पर कांग्रेस भरोसा जताती है तो राज्य में पहली बार ऐसा होगा कि किसी सीट पर दो पूर्व डीजीपी आमने-सामने होंगे.

5-5 बार जीत दर्ज की है कांग्रेस और भाजपा ने

अगर पलामू संसदीय सीट से कांग्रेस लड़ती है तो झारखंड बनने के बाद कांग्रेस पहली बार यहां से प्रत्याशी उतारेगी. 2004 में इस सीट से राजद के मनोज कुमार, 2009 में जेएमएम के टिकट पर कामेश्वर बैठा और 2014 में भाजपा के बीडी राम भाजपा के सांसद यहां से चुने गये थे.

वही राज्य गठन के पहले की स्थिति को देखे, तो कांग्रेस पार्टी ने पलामू लोकसभा सीट में 1952 से लेकर अब तक सबसे ज्यादा 5 बार जीत दर्ज की है. लेकिन 1984 के बाद उसने जीत का स्वाद नहीं चखा है. वहीं भाजपा भी 1991 से अब तक 5 बार जीत चुकी है.

महागठबंधन समर्थक प्रत्याशी की स्थिति मजबूत

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बात अगर 2014 के लोकसभा चुनाव की करें, तो पलामू संसदीय सीट पर कांग्रेस का पल्ला भारी दिख रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर विष्णु दयाल राम (कुल प्राप्त मत 4,76,513) यहां से जीते थे.

आरजेडी प्रत्याशी मनोज कुमार दूसरे (मत 2,12,571) नंबर पर और जेवीएम के घूरन राम (मत 1,56,032) तीसरे स्थान पर रहे थे. अगर आरजेडी और जेवीएम के मत जोड़ दिए जाएं तो वे भाजपा को टक्कर दे सकते हैं.

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लेकिन सबसे बड़ी बात यह भी है कि आरजेडी प्रत्याशी मनोज कुमार को कांग्रेस और जेएमएम का समर्थन प्राप्त था. ऐसे में महागठबंधन से आरजेडी के बाहर जाने और जेएमएम, जेवीएम समर्थन से कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव लड़ने पर जीत सुनिश्चित मानी जा सकती है.

लालू यादव ने सजाया था महागठबंधन का कुनबा : संजय यादव

मालूम हो कि महागठबंधन में सीट शेयरिंग के बाद से ही आरजेडी ने पलामू और चतरा सीट पर प्रत्याशी दिये जाने की मांग पर अपना विरोध जारी ऱखा था.

पार्टी महासचिव संजय सिंह यादव ने तो गत रविवार को एक प्रेस वार्ता कर महागठबंधन के नेताओं को इसका साफ संकेत दे दिया था. उन्होंने कहा था कि इन दो सीटों को छोड़ आरजेडी किसी भी हाल में समझौता करने को तैयार नहीं है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पूरे देश में सेक्यूलर नेताओं को एकजुट करने का काम किया है. उसी का नतीजा है कि आज महागठबंधन सभी के सामने है. लेकिन आज उसी महागठबंधन के नेताओं ने आरजेडी को इग्नोर करने का काम किया है.

हालांकि इस दौरान उन्होंने यह इशारा भी किया था कि महागठबंधन में आरजेडी अभी तक शामिल है. क्योंकि महागठबंधन के कुनबे को सजाने और संवारने का काम लालू यादव ने किया है.

अब जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री सह आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने सुभाष यादव को चतरा से प्रत्याशी बनाए जाने का पार्टी सिंबल दे दिया है. इससे साफ है कि महागठबंधन का स्वरूप अब 7+4+2+1 की जगह 8+4+2 हो जाएगा.

कांग्रेस नेता का दावा, आरजेडी करेगी एक सीट पर समझौता

हालांकि इस पूरे खेल के बीच कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि आरजेडी राज्य में महागठबंधन का हिस्सा बनेगी. पार्टी एक सीट (पलामू) पर ही चुनाव लड़ेगी.

उन्होंने कहा कि झारखंड के आरजेडी नेता अपने स्तर पर बयान दे रहे हैं. हालांकि पार्टी स्तर पर उन्हें अपनी बात कहने का पूरा हक है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महागठबंधन धर्म का पालन करते हुए बिहार में भी केवल 9 और झारखंड में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने का समझौता किया है. ऐसे में आरजेडी को भी पलामू से लड़ने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए.

कब-कौन रहा सांसद

1957 – गजेंद्र पीडी सिन्हा (कांग्रेस)
1962 – शंशाक मंजरी (एसडब्ल्यूए)
1967 – कमला कुमारी (कांग्रेस)
1971 – कमला कुमारी (कांग्रेस)
1977 – रामदेनी राम (बीएलडी)
1980 – कमला कुमारी (कांग्रेस)
1984 – कमला कुमारी (कांग्रेस)
1989 – जोरवार राम (जनता दल)
1991 – राम देव राम (भाजपा)
1996- ब्रज मोहन राम (भाजपा)
1998- ब्रज मोहन राम (भाजपा)
1999 – ब्रज मोहन राम (भाजपा)
2004 – मनोज कुमार (आरजेडी)
2009 – कामेश्वर बैठा (जेएमएम)
2014 – बीडी राम (भाजपा)

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