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#Jharkhand : पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में हुई चर्चित मौत के मामलों को सीआइडी करेगा टेकओवर

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Ranchi: सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा के आने के बाद एक बार फिर से सीआइडी बदला-बदला सा नजर आ रहा है. राज्य में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में मौत के चर्चित मामलों की जांच सीआइडी टेकओवर करेगी. पुलिस मुख्यालय की सहमति के बाद सीआइडी ने केस टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इसकी पुष्टि अनिल पाल्टा ने न्यूज विंग से की है. मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के तहत नक्सल हिंसा की मौत के मामलों की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करायी जानी चाहिए. इसे देखते हुए ही सीआइडी इन केसों को टेकओवर करने की तैयारी में है.

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CID ने मई महीने में कई बड़े मामलों की जांच को किया टेकओवर

बता दें कि सीआइडी ने मई महीने में कई बड़े मामलों की जांच को टेकओवर किया है. इसमें सिख दंगा, राहत घोटाला, गुमला में फर्जी चेक से 9.05 करोड़ निकासी, पलामू में 12.60 करोड़ की निकासी,  गांजा तस्करी में निर्दोष को जेल भेजने सहित झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक सरायकेला शाखा में गबन के मामले शामिल हैं. इसके अलावा रांची के बुंडू इलाके के चर्चित रूपेश स्वांसी हत्याकांड में डीएसपी पवन कुमार वर्णवाल, राहे के तत्कालीन थानेदार अशोक कुमार, दशम फॉल के तत्कालीन थानेदार पंकज तिवारी व डीएसपी के बॉडीगार्ड रितेश कुमार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाने का फैसला लिया गया है. बीते 23 मई को ही सीआइडी ने इस मामले में कोर्ट में अभियोजन स्वीकृति के मूल कागजात जमा करा दिये हैं.

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सीआइडी में अनुसंधान के लिए लंबित मामलों की जांच में तेजी आ गयी है

सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा ने करीब 40 दिन पहले सीआइडी एडीजी के पद पर योगदान दिया. जिसके बाद से अनुसंधान के लिए लंबित मामलों की जांच में तेजी आ गयी है. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. अनिल पाल्टा के आने के बाद एक बार फिर से सीआइडी बदला-बदला सा नजर आ रहा है. अनिल पाल्टा कहते हैं कि वह सीआइडी को अलग रूप देना चाहते हैं. सीआइडी का काम अपराध का अनुसंधान करना है. हम अनुसंधान की प्रक्रिया को सीबीआइ के तर्ज पर डेवलप करने में लगे हैं. जानकारी के मुताबिक पिछले 40 दिनों में सीआइडी ने 10 मामलों को निष्पादित कर दिया है. जिनमें से तीन मामलों में चार्जशीट दाखिल की गयी है. ये वही मामले हैं,  जिन्हें लंबे समय से सीआइडी के अफसर जांच के नाम पर लटकाये हुए थे.

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