JharkhandRanchi

झारखंड बजट सत्रः भाजपा ने NRC का मुद्दा उठाते हुए घुसपैठियों को राज्य से बाहर करने की मांग की

Ranchi: बांग्लादेशी घुसपैठिये बड़ी संख्या में झारखंड से सटे रास्तों से यहां घुस रहे हैं. इसके कारण राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों और राज्य के अंदरूनी हिस्सों में भी आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं. इसे लेकर भाजपा ने विधानसभा के चालू सत्र में चिंता जतायी है. राजमहल के विधायक अनंत कुमार ओझा ने सदन में सोमवार को इस मसले पर कार्यस्थगन की सूचना भी रखी थी. घुसपैठियों की पहचान और बाहर निकाले जाने के लिये एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप) विषय पर सदन को चर्चा करने और गंभीरता दिखाने की अपील की थी.

दो राज्यों से सटा है राजमहल

अनंत ओझा के मुताबिक राजमहल (साहेबगंज) विधानसभा क्षेत्र दो राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है. राजमहल से बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की दूरी लगभग 40 किमी है. बांग्लादेशी घुसपैठिये लगातार अलग-अलग तरीकों से झारखंड में घुसने लगे हैं. इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने लगी है. देश की आंतरिक सुरक्षा के लिये खतरा पैदा हो रहा है. साहेबगंज और आसपास के जिलों में कुछ आपराधिक तत्व अपने स्वार्थ के कारण घुसपैठियों को संरक्षण देने में मदद कर रहे हैं. देश के अन्य राज्यों से चोरी और लूटपाट के सामान राजमहल और दूसरे रास्तों से बांग्लादेश भेजे जाते हैं. एनआरसी के जरिये घुसपैठियों की पहचान कर कार्रवाई किया जाना जरूरी हो चुका है.

वैध नागरिकों का रिकॉर्ड रखने की पहल है एनआरसी

गौरतलब है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल (NRC Bill Meaning) एक रजिस्टर है. इसमें भारत में रह रहे सभी वैध नागरिकों का रिकॉर्ड रखा जाना है. एनआरसी की शुरुआत 2013 में सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में असम में हुई थी. फिलहाल यह असम के अलावा किसी अन्य राज्य में लागू नहीं है. एनआरसी के तहत भारत का नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि उसके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आ गए थे. अवैध बांग्लादेशियों को निकालने के लिए इसे पहले असम में लागू किया गया है.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: