न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

19 साल बाद सुलझेगा झारखंड-बिहार के बीच 2584 करोड़ के पेंशन देनदारी का मामला

eidbanner
667
  • दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा के साथ हुई बैठक में बनी सहमति
  • पटना और रांची में होगी दो राउंड की बैठक, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव सहित भारत सरकार के प्रतिनिधि होंगे शामिल

Ranchi : झारखंड और बिहार के बीच 2584 करोड़ के पेंशन देनदारी का मामला राज्य गठन के 19 साल बाद सुलझने के आसार बन गये हैं. गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में पेंशन देनदारी के मामले को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई.

इसमें झारखंड के मुख्य सचिव डीके तिवारी ने भी हिस्सा लिया. बैठक में सहमति बनी कि दोनों राज्य आपस में मिलकर पेंशन देनदारी मामले का समाधार करेंगे. इस कड़ी में सिर्फ दो राउंड की बैठक होगी. पहली बैठक पटना में और दूसरी बैठक रांची में होगी. इसमें दोनों राज्यों के मुख्य सचिव के साथ भारत सरकार के भी प्रतिनिधि शामिल होंगे.

इसे भी पढ़ेंःआम चुनाव 2019 के लिए आज प्रचार का आखिरी दिन, 19 मई को 8 राज्यों की 59 सीटों पर होगी वोटिंग

इन दोनों फॉर्मूलों पर बन सकती है सहमति

पहला फॉर्मूला : पेंशन देनदारी के लिये जो पहला फॉमूर्ला बताया है, उसके अनुसार झारखंड राज्य गठन के पहले जो कर्मचारी बिहार में थे, वे बिहार से पेंशन लेंगे. जो झारखंड में आ गये, वे झारखंड से ही पेंशन लेंगे.

दूसरा फॉर्मूला : यह है कि दोनों राज्यों के बीच पेंशन का जो बंटवारा होगा, वह कर्मचारियों की संख्या के आधार पर होगा.

इसे भी पढ़ेंःबाल-बाल बचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, गाय को बचाने के दौरान पलटी गाड़ी

पहले दोनों राज्यों की सरकारों का क्या था तर्क

झारखंड सरकार का कहना था कि राज्य गठन के पहले जो कर्मचारी बिहार में थे, वे बिहार से ही पेंशन लेंगे. जो झारखंड में आ गये, वे झारखंड से ही पेंशन लेंगे. झारखंड सरकार ने यह भी कहा था कि पेंशन का बंटवारा कर्मचारियों की संख्या के आधार पर होना चाहिये.

जबकि बिहार सरकार का कहना था कि इसमें शेयर का बंटवारा होना चाहिये. पेंशन मामले में 25 अखिल भारतीय सेवा, 265 राज्य प्रशासनिक सेवा सहित 1000 कर्मियों के देनदारी का मामला भी शामिल है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: