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जांच कमेटी की रिपोर्ट के 11 माह बाद भी अब तक नहीं हुई कार्रवाई

DVC बोकारो थर्मल के एक नंबर ऐश पौंड के टूटने का मामला

Bermo. बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित डीवीसी के एक नंबर ऐश पौंड टूटने के मामले में 11 माह बाद भी ना तो किसी इंजीनियर या अधिकारी पर कोई कार्रवाई की गयी और ना ही किसी प्रकार की कोई जवाबदेही ही तय हुई. मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट मुख्यालय कोलकाता को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई का इंतजार ही हो रहा है.

क्या था मामला

विगत 11 सितंबर 2019 की रात्रि डीवीसी का एक नंबर ऐश पौंड टूट गया था. ऐश पौंड टूटने के बाद 12 सितंबर की रात्रि टूटे एक नंबर पौंड के नीचे बनाया गया सेटलिंग पौंड भी टूट गया था. रात्रि में पौंड में पड़े दरार के स्थान से पूरा पौंड गिर पड़ा था. इसके अलावा रिकवरी सिस्टम के समीप का पौंड भी एक नंबर पौंड से रिकवरी होकर आने वाले लगातार ऐश युक्त पानी के कारण टूटकर गिर पड़ा था.

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दवाब के कारण टूटा था ऐश पौंड

डीवीसी के ऐश पौंड से छाई का उठाव तीन माह तक नहीं होने के कारण तत्कालीन एचओपी कमलेश कुमार, एसई ओएंडएम टी अकबर, डिप्टी चीफ अरुण कुमार आदि की सहमति से ही पूरे ऐश पौंड चारो तरफ से 6 से 8 फीट तक मिट्टी से बांध बना दिया गया था. बांध बांधे जाने और उसके दवाब से एक नंबर पौंड टूट गया था.

कोलकाता की टीम ने किया था जांच

ऐश पौंड एवं स्टेलिंग पौंड के टूटने के बाद कोलकाता से तत्कालीन तकनीकी सदस्य आरपी त्रिपाठी, ईडी ऑपरेशन बीएन शाह ने टीम के साथ दौरा किया था. बीएन शाह ने कहा था कि पिछले दिनों सीसीएल के द्वारा छाई का उठाव पर रोक लगा देने के कारण प्लानिंग के तहत ही पौंड को मिट्टी से ऊंचा करने का काम किया गया था और इससे पौंड पर दवाब नहीं पड़ा था. मामले में डीवीसी के इंजीनियर की लापरवाही और कार्रवाई के प्रश्न पर शाह ने कहा था कि एक जांच कमेटी का गठन किया जाएगा. जांच कमेटी पौंड कैसे टूटा इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी. कहा कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी.

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प्रदूषण विभाग की टीम ने जांच के बाद किया था आर्थिक दंड

ऐश पौंड टूटने एवं काफी मात्रा में छाई युक्त प्रदूषित जल कोनार एवं दामोदर नदी में प्रवाहित हो जाने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद एवं रांची से पांच सदस्यों की टीम बोकारो थर्मल जांच को आयी थी.प्रदूषण बोर्ड की टीम में प्रदूषण अभियंता डीपी सिंह, धनबाद के क्षेत्रीय अभियंता आरएन चैधरी, आशुतोष और आनंद शामिल थे. टीम में से डीपी सिंह ने पूछे जाने पर कहा था कि ऐश पौंड की जो वर्तमान स्थिति है उसमें पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन हुआ है. बाद में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण उल्लंघन मामले में डीवीसी से 1 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड वसूल किया था.

एचओपी सहित तीन को मिला था शो कॉज

पौंड टूटने के मामले में ईडी ऑपरेशन ने बोकारो थर्मल के तत्कालीन कमलेश कुमार, एसई ओएंडएम टी अकबर, डिप्टी चीफ अरुण कुमार को शो कॉज निर्गत किया था, जिसका जवाब तीनों ने सौंप दिया था.

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जांच कमिटि ने जांच कर सौंप दी रिपोर्ट

मामले को लेकर ईडी ऑपरेशन बीएन शाह ने तीन सदस्यों की एक जांच कमिटि का गठन किया था. जांच कमिटि में कोलकाता के सीई मो यासीन,मैथन के सीई सिविल भगवान पांडेय शामिल थे. मुख्यालय सूत्रों की मानें तो जांच कमिटि ने लगभग सात माह पूर्व ही अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को एचओपी कमलेश कुमार, एसई ओएंडएम टी अकबर, डिप्टी चीफ अरुण कुमार पर कार्रवाई के लिए सौंप दी थी, बावजूद 11 माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. बोकारो थर्मल के एचओपी कमलेश कुमार 31 जनवरी 2020 को अवकाश प्राप्त कर गये. सीई ओएंडएम टी अकबर 31 जुलाई को अवकाश ग्रहण करने वाले हैं.

डीवीसी के सदस्य सचिव ने कहा होगी कार्रवाई

डीवीसी के सदस्य सचिव डॉ पीके मुखोपाध्याय ने बुधवार को कोलकाता से बोकारो थर्मल ऐश पौंड टूटने एवं चंद्रपुरा से काफी मात्रा में दामोदर नदी में फर्निश ऑयल बहने के मामले में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर पूछे जाने पर कहा कि दोनों ही मामलों में मुख्यालय की ओर से जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. कहा कि दोनों ही मामले में डीवीसी को एक बड़ी राशि का भुगतान आर्थिक दंड के रुप में करना पड़ा था.

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