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झारखंड में पेट्रोल और डीजल की बेस प्राइस अधिक, वैट 22 फीसदी और सेस भी एक फीसदी

आरटीआई में खुलासा, दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल-डीजल बेचता रहा है भारत

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Ranchi : पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. आरटीआई में खुलासा हुआ है कि दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर भारत पेट्रोल-डीजल बेचता रहा है. वहीं झारखंड में पेट्रोल और डीजल की बेस प्राइस भी अधिक है. बेस प्राइस के साथ राज्य सरकार 22 फीसदी वैट लेती है. इसके अलावा एक फीसदी सेस भी जोड़ा जाता है. सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के रूप में पेट्रोल पर 19 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10.50 रुपये से 11 रुपये प्रति लीटर लिया जाता है.

कैसे होती है कीमत में वृद्धि

पेट्रोल की झारखंड में बेस प्राइस 59.41 रुपये प्रति लीटर है. इसमें 15 रुपये प्रति लीट वैट लग जाता है. साथ ही प्रतिलीटर एक फीसदी सेस लिया जाता है. गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 78.88 रुपये प्रति लीटर रही. वहीं डीजल का बेस प्राइस 58.90 रुपये प्रति लीटर है. इसमें 22 फीसदी वैट के हिसाब से 13.18 रुपये प्रतिलीटर लिया जाता है. सेस एक फीसदी जोड़ा जाता है. गुरुवार को डीजल की कीमत 75.55 रुपये प्रति लीटर रही. वहीं जो क्रुड ऑयल बाहर से आता है उसमें दो से तीन रुपये प्रतिलीटर रिफाइनरी में खर्च होता है.

आरटीआई में क्या हुआ है खुलासा

आरटीआई से खुलासा हुआ है कि भारत दूसरे देशों को बहुत सस्ते में पेट्रोल-डीजल बेचता रहा है. मुंबई में सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल 86-87 रुपये के आसपास प्रति लीटर बेच रही है. लेकिन यही तेल मॉरीशस और मलेशिया को इसकी आधी से भी कम कीमत पर बेचा जा रहा है. आरटीआई कार्यकर्ता रोहित सभरवाल को ये जानकारी पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाली सरकारी कंपनी मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड से मिली है.

किस दर पर भारत दूसरे देशों में बेच रहा तेल

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आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार भारत मॉरीशस को 36.30 प्रति लीटर पेट्रोल और 37.06 प्रति लीटर पर डीजल देता है. वहीं, यूएई को पेट्रोल 33.84 प्रति लीटर पर एक्सपोर्ट किया जा रहा है. वहीं, हांगकांग को 38.26 प्रति लीटर, मलेशिया को 36.08 प्रति लीटर और सिंगापुर को 38.31 प्रति लीटर एक्सपोर्ट किया जा रहा है.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा

पेट्रोलियम मंत्रालय ने ये भी माना है कि एक जनवरी, 2018 से 30 जून, 2018 के बीच 15 देशों को पेट्रोल और 29 देशों को डीजल एक्सपोर्ट किया गया. विदेश में पेट्रोल सस्ते रेट पर एक्सपोर्ट किया जा रहा है, जबकि भारत में ज्यादा टैक्स की वजह से महंगे दामों पर बेचा जा रहा है. अर्थशास्त्री किरीट पारिख के अनुसार सरकारें एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाकर ये फासला कम कर सकती है.

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