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झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा राज्य के सभी जिलों में 15 दिसंबर को धरना देगा

  • झारखंड आंदोलनकारियों के लिए पहचान पत्र, स्टिकर (लोगो) जारी
  • 3 जनवरी 2021 को झारखंड आंदोलनकारी दिवस मनाने का निर्णय

Ranchi : झारखंड आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिलाने के लिए पहचान, अस्तित्व एवं स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने के लिए झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में राज्य के प्रत्येक जिले में 15 दिसंबर को धरना का आयोजन किया गया है.

धरना के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जायेगा. यह जानकारी मोर्चा के पदाधिकारियों ने 12 दिसंबर को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. मोर्चा के द्वारा आज झारखंड आंदोलनकारियों को स्टीकर (लोगों) व पहचान पत्र भी जारी किया गया.

मोर्चा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा झारखंड के शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को नौकरी व पेंशन तथा झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितिकरण आयोग के पुर्नगठन के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है.

मोरचा के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को झारखंड आंदोलनकारियों के लिए और उदार होना चाहिए. राज्य की सरकार झारखंड आंदोलनकारियों के कारण ही अलग सत्ता में है. इसलिए सरकार को एक-एक आंदोलनकारियों को बिना शर्त सम्मानित करना चाहिए.

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संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड अलग राज्य हुए बीस वर्ष हो गये हैं. लेकिन अभी तक झारखंड आंदोलनकारियों को जो मान-सम्मान, पहचान, पेंशन मिलना चाहिए था वह नहीं मिला है.

उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर को झारखंड आंदोलनकारी अपने 14 सूत्री मांगों को लेकर प्रत्येक जिला में धरना देंगे एवं मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपने का काम करेंगे. उन्होंने घोषणा की कि 3 जनवरी 2021 को झारखंड आंदोलनकारी दिवस मनाया जाएगा.

कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो ने कहा कि झारखंड के साथ गठित होनेवाले उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों के आंदोलनकारियों को मान-सम्मान, पहचान पेंशन एवं सभी प्रकार की राजकीय सुविधाएं मिल रही है. झारखंड के आंदोलनकारियों को यह सम्मान न मिलना दुखद है.

आज झारखंड आंदोलनकारियों की स्थिति काफी गंभीर एवं चिंतनीय है. आये दिन झारखंड आंदोलनकारियों की मृत्यु होना दुखद है. राज्य सरकार समय रहते झारखंड आंदोलनकारियों के हित में व्यापक कदम उठाए.

विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि सरकार झारखंड आंदोलनकारियों की परीक्षा न ले. झारखंड आंदोलनकारी अभी तक संयमित होकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराते रहे हैं.

लेकिन आनेवाले समय में उनका आक्रोश फूट सकता है. इसलिए सरकार को समय रहते हुए झारखंड के एक-एक आंदोलनकारियों के प्रति संज्ञान लेना चाहिए.

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