NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंड में 722.08 बिलियन घन मीटर कोल बेड मीथेन भंडार मौजूद, व्यावसायिक उत्पादन शीघ्र

झारखंड में सबसे ज्यादा कोल बेड मीथेन, राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी

885
mbbs_add

Ranchi : झारखंड में कोल बेड मीथेन का अकूत भंडार उपलब्ध है और शीघ्र ही यहां बड़े पैमाने पर इसका व्यावसायिक उत्पादन शूरू होगा. राज्यसभा में बुधवार को सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न के उत्तर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि देश के  कोयला खानों में कोल बेड मीथेन (सीबीएम) की पर्याप्‍त संभाव्‍यता मौजूद है. भारत के 12 राज्‍यों में चार दौर में हुई सीबीएम की नीलामी में 33 सीबीएम ब्‍लॉक प्रदान किए गए हैं. वर्तमान में, पांच सीबीएम उत्‍पादन ब्‍लॉक हैं. जून, 2018 के दौरान, इन ब्‍लॉकों से कमर्शियल/सब्सिडियरी सीबीएम उत्‍पादन 58.16 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर था.

इसे भी पढ़ें- अर्जुन मुंडा का यह ट्वीट कहीं सत्ता पर काबिज हुक्मरानों के लिए कुछ इशारा तो नहीं

सबसे बड़ा कोल बेड मीथेन भंडार झारखंड में

पोद्दार को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयी जानकारी के मुताबिक देश का सबसे बड़ा कोल बेड मीथेन भंडार झारखंड में ही है. झारखंड में सर्वाधिक 722.08 बिलियन घन मीटर कोल बेड मीथेन का भंडार मौजूद है. आयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) लिमिटेड झारखंड में तीन कोल बेड मीथेन ब्लॉक ऑपरेट कर रहा है. जो बोकारो, नार्थ कर्णपुरा और झरिया में अवस्थित हैं. ओएनजीसी ने झारखंड के सभी तीन ब्लॉकों में एक्सप्लोरेशन (अन्वेषण) का काम पूरा कर लिया है और कोल बेड मीथेन की वाणिज्यिक उपलब्धता सिद्ध की है.

इसे भी पढ़ें- हजारीबाग : घाघरा डैम को लेकर विधायक की बेटी और भाई आपस में भिड़े

Hair_club

क्या जानकारी दी ओएनजीसी ने

ओएनजीसी द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक झरिया में 22711.8 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर, बोकारो में 30123.4 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर और नॉर्थ कर्णपुरा में 22928.4 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर कोल बेड मीथेन का भण्डार उपलब्ध है. फिलहाल ये ब्लॉक विकसित किये जा रहे हैं. हालांकि ओएनजीसी ने झरिया ब्लॉक से प्रारंभिक रूप से उत्पादित कोल बेड मीथेन गैस की बिक्री लगभग 10 हजार से 15 हजार घनमीटर प्रतिदिन की दर से शुरू कर दी है. ओएनजीसी की वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान बोकारो और नॉर्थ कर्णपुरा ब्लॉकों में 30 – 30 वेल ड्रिल करने की योजना है. जहां तक झरिया ब्लॉक का प्रश्न है, ओएनजीसी की वर्तमान वर्ष के दौरान प्री ऑपरेशनल एक्टिविटीज करने की योजना है.

इसे भी पढ़ें- स्टेन स्वामी ने सरकार और जनता के नाम लिखी खुली चिट्ठी- क्या मैं देशद्रोही हूं ?

इसे भी पढ़ें- कॉरपोरेट घरानों का भारतीय राजनीति में बढ़ता प्रभाव

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

nilaai_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.