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झारखंड: बिरसा हरित ग्राम योजना से लगाये गये 45 लाख फलदार व 18 लाख से अधिक टिंबर के पेड़

Nikhil Kumar

Ranchi: झारखंड में बिरसा हरित ग्राम योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित हो रही है. 2016 से प्रारंभ हुई इस योजना से अब तक राज्य में 45 लाख फलदार वृक्ष लगा दिए गये हैं. वहीं,फेसिंग के रूप में टिंबर के 18 लाख से अधिक पौधे अब तक लगाये गये हैं. इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में 23 हजार एकड़ भूमि में पौधा लगाया गया है,जिसमें फलदार वृक्ष 22 लाख से अधिक लगाये गये हैं. टिंबर पौधे सर्वाधिक 2021-22 में करीब 12 लाख लगाये गये. आम-अमरूद के साथ मिश्रित फल की बागवानी की जा रही है. वहीं टिंबर प्लांट भी बड़े पैमाने पर लगाया जा रहा है,जिससे किसानों की आय कुछ सालों में तेजी से बढ़ेगी.

एक अनुमान के अनुसार इस योजना से ग्रामीण अगले तीन वर्षो में 50 हजार रुपये वार्षिक आय अर्जित कर सकता है. इस योजना के तहत पांच लाख परिवारों को 100-100 पौधे लगाने के लिए दिए जा रहे हैं. इसके तहत राज्यभर में पांच करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. इस योजना का कार्यान्वयन जिलावार किया जा रहा है. प्रत्येक जिले में लगभग 1400 एकड़ परती जमीनों को चिंहित्त कर उसपर फलदार पौधे का रोपण शुरू किया गया है. भागौलिक संरचना के अनुसार अधिकतर भूमि पठारी और पहाड़ी है. किसानों की उबड़-खाबड़ धरातल जो बंजर और परती बेकार पड़ी रहती थी ऐसे भूमि का सदुपयोग करने के लिए यह योजना अब कारगर सिद्ध हो रही है.

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किसानों के 25 डिसमिल जमीन से लेकर एक एकड़ जमीन के लिए यह योजना स्वीकृत की जाती है. मनरेगा से वित्तीय पोषण किया जाता है. गढ़ढा कोड़ने,पौधे खरीदने,लगाने सहित सिंचाई व मेंटेनेंस आदि का सारा खर्च मनरेगा के पैसे से किया जाता है. पांच साल तक इसका देखभाल मनरेगा से किया जाता है. फल व पेड़ों से निकलने वाले लकड़ियों का पूरा मालिकाना हक किसानों का होता है. इसके तहत आम के अच्छी नस्ल के पौधे आम्रपाली एवं मल्लिका प्रजाति के आम और एल-49 व इलाहाबादी सफेदी प्रजाति के अमरूद के पौधे लगाये जा रहे हैं. इसके चारों ओर फेसिंग के रूप में इमारती लकड़ी वाले वृक्षों के पौधे का रोपण किया जा रहा है.

इस वित्तीय वर्ष 29 हजार एकड़ में बागवानी का लक्ष्य

झारखंड में इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में 29 हजार एकड़ भूमि में बागवानी का लक्ष्य रखा गया है. ग्रामीण विकास विभाग ने अब तक 20 हजार एकड़ भूमि में बागवानी की योजना स्वीकृत कर दी है. पंचायत चुनाव की वजह से स्वीकृति का कार्य लंबित रह गया है. बरसात का मौसम आते ही जुलाई माह से बागवानी का कार्य प्रारंभ किया जायेगा.

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आजीविका को किया जा रहा सशक्त: डॉ.मनीष रंजन

ग्रामीण विकास सचिव डॉ.मनीष रंजन ने कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम से राज्य में उल्लेखनिय कार्य किए जा रहे हैं. लाभुकों को फलदार पेड़ और टिंबर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. यह प्रयास हो रहा है कि किसानों की आय को अधिक से अधिक बढ़ाया जाये. इस योजना से उनकी आजीविका सक्शत तो ही रही है,साथ ही फल उत्पादन व लकड़ी उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है.

वित्तीय वर्ष 2021-22 में इतने पौधे लगे

जिला फलदार वृक्ष टिंबर वृक्ष
बोकारो 92344 55595
चतरा 85584 45291
देवघर 130042 83412
धनबाद 47300 9701
दुमका 106232 11979
पूर्वी सिंहभूम 72893 53432
गढ़वा 77796 55229
गिरिडीह 144920 108591
गोड्डा 62723 34732
गुमला 294079 146212
हजारीबाग 73536 47233
जामताड़ा 84424 38701
खूंटी 154992 35242
कोडरमा 33844 18917
लातेहार 56903 15470
लोहरदगा 52060 16186
पाकुड़ 49383 35240
पलामू 79912 56590
रामगढ़ 67038 25253
रांची 180172 121067
साहिबगंज 38016 14954
सरायकेला-खरसावां 4829 18171
सिमडेगा 115133 24117
पश्चिम सिंहभूम 112917 61320
कुल 2265534.0 11226.35

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