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#Jharkhand: 1000 पंचायत भवनों में अब भी नहीं है ई-गवर्नेंस की सुविधाएं

Ranchi: झारखंड में कुल 4367 पंचायत हैं. इनमें से 4220 पंचायत ऐसी है, जहां पंचायत सचिवालय बनकर तैयार है. पर ई-गवर्नेंस की सुविधा सभी सचिवालय भवनों तक नहीं पहुंच सकी है.

यानि लगभग 1000 पंचायत भवनों में ई-गवर्नेंस (कॉमन सर्विस सेंटर) की सुविधा शुरू नहीं हो पायी है. ग्रामीण आस में बैठे हैं कि सरकार प्रज्ञा केंद्रों के जरिये ई-गवर्नेंस की योजना को जल्द से जल्द लागू करे.

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3226 पंचायत सचिवालय में ही ई-गवर्नेंस का लाभ

झारखंड की सभी पंचायतों में ई-गवर्नेंस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. पिछले बीस बरसों में राज्य के 263 प्रखंडों के 4367 पंचायतों की अपेक्षा 4220 में पंचायत भवन बन सके हैं. इनमें से 3226 पंचायत भवनों में ही ई-गवर्नेंस की सुविधा का लाभ (प्रज्ञा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर) ग्रामीण ले पा रहे हैं.

इसके चलते कई बार आवश्यक सेवाओं जैसे आय, आवासीय, जाति, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र वगैरह के लिए ग्रामीणों को बाबूओं की चिरौरी करनी पड़ती है. ऐसे में पारदर्शिता की बात बेमानी साबित होने लगती है.

रांची से शुरू हुई थी ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना की शुरूआत

राजधानी रांची से ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का प्रारंभ 2008 में हुआ था. 12 बरस बीतने के बावजूद अब तक सभी सेवाएं रांची के लोगों को भी उपलब्ध नहीं हो पायी हैं. राज्य के सभी जिलों में अक्टूबर, 2013 से ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना की शुरूआत की गयी थी.

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केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य था कि प्रज्ञा केंद्रों के जरिये ई-गवर्नेंस की योजना को लागू किया जाये. प्रारंभ में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी करीब 150 सेवाएं आम आदमी को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था. फिलहाल अभी तक सभी प्रमाण पत्र इन केंद्रों के जरिये नहीं बन रहे.

पंचायत भवनों में प्रज्ञा केंद्र के लिए लग रही गुहार

राज्य की 994 पंचायतें ऐसी हैं जहां पंचायत भवन बनकर तैयार तो हैं पर अब भी उनमें प्रज्ञा केंद्र संचालित नहीं किया जा सका है. इन पंचायतों में प्रज्ञा केंद्र किसी दूसरे निजी मकान या भवन में चलाए जा रहे हैं. पंचायत भवनों में बिजली, जेनरेटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बावजूद प्रज्ञा केंद्र का संचालन नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है.

सिमडेगा में 33 प्रज्ञा केंद्र अब भी निजी भवनों से हो रहे संचालित

सिमडेगा में कुल 94 पंचायत है और सभी में पंचायत भवन बनकर तैयार है. सभी भवनों में बिजली कनेक्शन भी है. इसके बावजूद 61 भवनों में ही प्रज्ञा केंद्र का संचालन हो रहा है. हजारीबाग में सभी 251 पंचायतों में पंचायत सचिवालय भवन हैं. वहां भी 223 भवनों में ही प्रज्ञा केंद्र संचालित हो रहे हैं.

इसी तरह जामताड़ा के सभी 118 पंचायतों में पंचायत भवन हैं जबकि 93 में ही प्रज्ञा केंद्र की सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध हो पा रही है. फिलहाल पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार ने सभी जिलों से इस मामले पर प्राथमिक रिपोर्ट मंगा ली है. समीक्षा का दौर जारी है. प्रज्ञा केंद्रों को पूर्ण रूप से संचालित पंचायत भवनों में स्थानांतरित किए जाने की योजना बनायी जा रही है.

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