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झरिया विधायक संजीव की पत्नी साेमवार को होंगी भाजपा में शामिल

माना जा रहा है कि संजीव सिंह को यदि नीरज की हत्या के मामले में सजा होती है तो झरिया की परंपरागत सीट से दावेदारी पेश कर वे विधानसभा चुनाव लडेंगी.

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Dhanbad :  धनबाद के  सबसे रसूखदार राजनीतिक परिवार सिंह मेंशन की राजनीति एक नयी दिशा परिभाषित करने में जुटी है.  पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के मामले में उसके चचेरे भाई  झरिया से भाजपा विधायक संजीव सिंह डेढ़ साल से जेल में है .  इधर, संजीव के छोटे भाई लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं. कल सोमवार 22 अप्रैल को वे नामांकन करेंगे.  वहीं अब खबर आयी है कि जेल में बंद झरिया विधायक संजीव की पत्नी रागिनी सिंह कल 22 अप्रैल को भाजपा उम्मीदवार पीएन सिंह के नामांकन करने से पहले भाजपा ज्वाइन करेंगी.  माना जा रहा है कि संजीव सिंह को यदि नीरज की हत्या के मामले में सजा होती है तो झरिया की परंपरागत सीट से दावेदारी पेश कर वे विधानसभा चुनाव लडेंगी.

संजीव के अनुज सिद्धार्थ गौतम का लोकसभा चुनाव लड़ना तय है. रागिनी के अचानक भाजपा में शामिल होने की खबर से सिंह मेंशन समर्थक असमंजस में है कि वे किसको समर्थन देंगे.  संजीव और उनकी पत्नी रागिनी भाजपा के पशुपतिनाथ सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं,  वहीं सिद्धार्थ गौतम और उनकी पत्नी मिनी गौतम के साथ बहन किरण सिद्धार्थ गौतम के लिए वोट मांग रहे हैं . माता कुंती कहती हैं कि वे भाजपा में हैं वहीं दूसरी ओर कहती हैं कि माता होने के नाते उनका आशीर्वाद बेटे सिद्धार्थ को है.

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जिला परिषद मैदान में रागिनी सिंह भाजपा की सदस्यता लेंगी

झरिया विधायक संजीव सिंह के प्रतिनिधि अखिलेश सिंह ने न्यूज़ विंग के साथ बातचीत में कहा है कि झरिया विधायक संजीव सिंह की अनुमति से उनकी पत्नी रागिनी सिंह 22 अप्रैल को भाजपा उम्मीदवार पीएन सिंह के नामांकन करने से पहले जिला परिषद मैदान में आयोजित सभा में भाजपा की सदस्यता लेंगी. अखिलेश ने कहा कि रागिनी भाजपा उम्मीदवार पीएन सिंह के लिए चुनाव प्रचार भी करेगी.  झरिया विधायक संजीव सिंह की अनुपस्थिति में रागिनी केवल एक पत्नी के तौर पर नहीं बल्कि भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर भी झरिया विधानसभा की जनता के लिए काम करेंगी.

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 परिवार संजीव और सिद्धार्थ खेमे में बंटा?

सिंह मेंशन रणनीति के तहत राजनीतिक गणित बैठा रहा है या फिर परिवार संजीव और सिद्धार्थ खेमे में बंट गया है.  यह चर्चा अब सियासी गलियारों में खास है.  राजनीतिक जानकारों एवं सिंह  मेंशन  के करीबियों को माने तो जिस तरह से संजीव को जमानत नहीं मिली,  उन्होंने अपने ही सरकार के खिलाफ बात नहीं सुनने का आरोप लगाया.  सरकार से मदद नहीं मिली.  सिंह मेंशन की  साख को गिराने की साजिश की बात सिंह मेंशन परिवार कहता रहा , मगर बात नहीं सुनी गयी.  कहा जा रहा है कि इन सारी बातों को ध्यान में रखकर सिंह मेंशन रणनीति के तहत सियासी चाल चल रहा है .  इधर, चर्चा यह भी है कि बहुत दिनों से सिद्धार्थ गौतम और संजीव सिंह के बीच मनमुटाव चल रहा था जो खुलकर सामने आ गया है.

 सिंह मेंशन परिवार होगा आमने सामने

सिंह मेंशन परिवार लोकसभा चुनाव में आमने-सामने है.  सिंह मेंशन के दो लाल संजीव और सिद्धार्थ की पत्नी रागिनी और मिनी गौतम एक दूसरे के खिलाफ वोट मांगेंगे.  रागिनी भाजपा तो मिनी गौतम अपने निर्दलीय उम्मीदवार सिद्धार्थ गौतम के लिए.  अब देखना यह है कि रघुकुल के कांग्रेस नेता दिवंगत नीरज की पत्नी पूर्णिमा नीरज कांग्रेस उम्मीदवार कीर्ति झा आजाद के लिए चुनाव प्रचार में कूदती हैं या फिर अभिषेक ही रघुकुल की ओर से कांग्रेस का मोर्चा संभालेंगे.

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