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झरिया और धनबाद देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में  

Ranchi:  ग्रीनपीस इंडिया ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘एयरपोक्लिपस’  का तीसरा संस्करण जारी किया है. इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के मामले में देश के 313 शहरों में झारखंड का झरिया पहले स्थान पर है वहीं धनबाद 9वां सबसे प्रदूषित शहर है. इस रिपोर्ट में 313 शहरों के साल 2017 का औसत पीएम10 को दर्ज किया गया है. इस दौरान झरिया का औसत पीएम10 स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा, जो देशभर में सबसे ज्यादा है. वहीं धनबाद 238 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के साथ सूची में 9वें स्थान पर है.

रांची और सिंदरी भी प्रदूषण की चपेट में हैं

रिपोर्ट में रांची (142 माइक्रोग्राम/घनमीटर), सिंदरी (158माइक्रोग्राम/घनमीटर), सराईकेला (131माइक्रोग्राम/घनमीटर), जमशेदपुर (131माइक्रोग्राम/घनमीटर) और पश्चिम सिंहभूभ (77 माइक्रोग्राम/घनमीटर) भी शामिल हैं. सबसे दिलचस्प बात है कि हाल ही में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में रांची और धनबाद जैसे शहरों को प्रदूषित वायु वाले अयोग्य शहरों की श्रेणी में जगह नहीं मिल सकी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि एनसीएपी 2014 तक 30% भी प्रदूषण कम करने में सफल रहता है फिर भी झरिया, धनबाद, रांची, सिंदरी जैसे शहर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानको को पूरा ही नहीं कर पायेंगे.

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झारखंड के शहरों की वायु भी गंभीर रूप से प्रदूषित

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ग्रीनपीस के अभियानकर्ता सुनील दहिया कहते हैं, “हम अक्सर देश में वायु प्रदूषण की स्थिति बताने के लिए दिल्ली का उदाहरण देते हैं. लेकिन यह दिलचस्प है कि झारखंड के शहरों की वायु भी गंभीर रूप से प्रदूषित है. यदि 2024 तक इन शहरों का 30 प्रतिशत प्रदूषण भी कम होता है, फिर भी झारखंड के ज्यादातर शहर राष्ट्रीय मानक से अधिक प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर होंगे”. एनसीएपी में 2015 के डाटा के आधार पर शहरों को शामिल किया गया है, जिसकी वजह से बहुत बड़ी संख्या में दूसरे प्रदूषित शहर छूट गए हैं. ग्रीनपीस इंडिया मांग करती है कि पर्यावरण मंत्रालय 2017 के डाटा के आधार पर रांची, धनबाद सहित अयोग्य शहरों की सूची में देश के बाकी बचे शहरों को भी शामिल करे, तभी एनसीएपी को राष्ट्रीय कार्यक्रम कहा जा सकता है और इससे पूरे देश की हवा को स्वच्छ किया जा सकता है.

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