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टेंडर जारी करने में झालको का फर्जीवाड़ा, RTI का भी नहीं दे रहा जवाब, यूथ कांग्रेस ने की SIT जांच की मांग

Ranchi : चाईबासा में झालको (Jharkhand lift irrigation corporation ltd) की निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं. इसके जरिये निकाले गये किसी भी टेंडर का विज्ञापन स्थानीय न्यूज पेपर में नहीं दिया जाता है. इसकी सूचना जमशेदपुर और रांची के उन अखबारों में पब्लिश की जा रही है जिनके पाठक नहीं के बराबर हैं.

इससे टेंडर प्रक्रिया में बेहद कम ठेकेदारों को ही भाग लेने का मौका मिल पा रहा है. आरटीआइ (RTI) आवेदनों पर भी जवाब आवेदकों को नहीं मिल रहा है. पश्चिमी सिंहभूम के यूथ कांग्रेस की टीम ने झालको पर सवाल उठाये हैं. मंगलवार को चाइबासा में एक विरोध प्रदर्शन करके सरकार से एसआईटी जांच की मांग भी की है.

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पसंदीदा ठेकेदार को लाभ

यूथ कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष शिवकर बोइपाई के अनुसार टेंडर विज्ञापन में पारदर्शिता नहीं दिखायी जा रही है. झालको के एरिया मैनेजर अपने मनपसंद ठेकेदार को काम दिलाते हैं. इससे विकास के नाम पर लूट और कमाई दोनों हो रही है.

वर्ष 2016-17 से 2019-20 में कई निविदा निकाली गयी. इसमें भाग लेने वाले ठेकेदारों ने किसी भी प्रकार की डीडी और एफडी जमा ही नहीं किया. टेंडर एमाउंट का 2% विभाग के नाम पर पर एडवांस राशि के रूप में जमा करना होता है. इसका पालन इस दौरान नहीं किया गया. यह सरकारी नियमों का उल्लंघन है.

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जिला प्रशासन की बेरुखी

बोइपाई ने कहा कि झालको के कनीय अभियंता स्व महेंद्र मंडल ने कई स्कीमों का पैसा अपने खाते में चेक के माध्यम से लिया था. इस कारण संबंधित योजनाओं में काम कर रहे ठेकेदारों को पैसे का भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया जा सका है.

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झालको के द्वारा जीएसटी, इनकम टैक्स और लेबर सेस का पैसा अब तक सरकार को जमा नहीं किया गया है. इस शिकायत के सामने आने के बावजूद किसी भी प्रकार की जांच स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा नहीं की गयी है.

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