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दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस आज भरेंगे अपने सपनों की उड़ान

स्पेस मिशन पर उनके भाई सहित सबसे बुजुर्ग और सबसे युवा एस्ट्रोनॉट भी होंगे साथ

New Delhi : दुनिया के सबसे बड़े रईसों में शुमार अमेजॉन (AMAZON) के फाउंडर जेफ बेजोस (Jeff Bezos) आज स्पेस मिशन (Space Mission) पर जाने को तैयार हैं. जेफ बेजोस अंतरिक्ष में जाने वाले सबसे पहले अरबपति भले ही न हों, लेकिन वह इस उड़ान के साथ एक नया इतिहास रचने वाले हैं.

मंगलवार को बेजोस अपने भाई के साथ तो स्पेस में जा रहे हैं. इसके साथ ही वह अपने साथ सबसे बुजुर्ग और सबसे युवा ऐस्ट्रोनॉट को लेकर जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस यात्रा के दौरान बेजोस कुल 11 मिनट तक ही अंतरिक्ष में रहेंगे.

बेजोस ने CBS के ‘द लेट नाइट शो विद स्टीफेन कोबेर’ पर अपने साथी यात्रियों से कहा, ‘सिट बैक, रिलैक्स, खिड़की के बाहर देखिए और बाहर व्यू को महसूस कीजिए.’ बेजोस और उनके भाई मार्क बेजोस जिस रॉकेट से जा रहे हैं, यह पूरी तरह से ऑटोनॉमस है. हालांकि इसमें भी खतरा बना हुआ है.

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स्पेस शटल बनाने वाली टीम में भारतीय संजल गवांडे भी शामिल

अंतरिक्ष को जीतने का जो सपना अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने साल 2000 में देखा था. वो साल 2021 में पूरा होने जा रहा है, जेफ बेजोस के सपने को स्पेस शटल पूरा करेगा. 60 फुट लंबे इसी स्पेस शटल से जेफ बेजोस 20 जुलाई को धरती से अंतरिक्ष की सैर पर जाएंगे. जिस स्पेस शटल ‘न्यू शेफर्ड’ से 4 टूरिस्ट स्पेस में जाएंगे, उसे बनाने वाली टीम में भारतीय संजल गवांडे भी शामिल हैं. यानी जेफ बेजोस को अंतरिक्ष भेजने में भारत की बेटी का भी योगदान है.

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टेक्सस में बने लॉन्चिंग पैड से भरेंगे उड़ान

जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का स्पेस शटल ‘न्यू शेफर्ड’ अमेरिका के टेक्सस में बने लॉन्चिंग पैड से लॉन्च होने के लिए तैयार है. जेफ बेजोस का न्यू शेफर्ड रॉकेट एक कैप्सूल के साथ अंतरिक्ष में उड़ेगा. धरती से करीब 80 किलोमीटर की ऊंचाई पर रॉकेट और कैप्सूल अलग-अलग हो जाएंगे. वहां से कैप्सूल धरती से 105 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचेगा.

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जीरो ग्रैवेटी में 4 मिनट तक रुकेगा कैप्सूल

जीरो गुरुत्वाकर्षण में ये कैप्सूल 4 मिनट तक रहेगा और उसके बाद कैप्सूल की धरती पर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. धरती की कक्षा में आने के बाद कैप्सूल में लगे पैराशूट खुल जाएंगे और कैप्सूल की लैंडिंग टेक्सस के रेगिस्तान में होगी. इस स्पेस टूर में कुल 11 मिनट लगेंगे.

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ये हैं खास बातें

भारतीय समयानुसार शाम 6: 30 बजे उड़ान भरेगा शटल

बेजोस की फ्लाइट 10-12 की सबऑर्बिटल फ्लाइट होगी, यानी यह पृथ्वी की कक्षा में नहीं जाने वाली. बेजोस की ब्लू ओरिजिन कंपनी का न्यू शेपर्ड रॉकेट वेस्ट टेक्सास के रेगिस्तान से 20 जुलाई को भारतीय समयानुसार शाम 6: 30 बजे उड़ान भरेगा.

यात्रियों को सोमवार शाम 6ः30 बजे के लॉन्च से 45 मिनट पहले ऑन-बोर्ड होना होगा. क्रू ने मिशन के लिए 48 घंटे की ट्रेनिंग ली है. यह अच्छी रही है. कर्मचारी भी आठ-आठ घंटे की दो दिन की ट्रेनिंग कर चुके हैं. यह ट्रेनिंग टिकट खरीदने वाले सभी कस्टमर्स के लिए जरूरी होगी. रॉकेट के साथ एक कैप्सूल होगा, जिसमें बेजोस के साथ उनके भाई मार्क, 82 वर्षीय वैली फंक और 18 वर्षीय टीनेजर ओलिवर डेमेन भी होंगे. इस फ्लाइट के बाद फंक सबसे बुजुर्ग और डेमेन सबसे युवा एस्ट्रोनॉट बन जाएंगे.

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कैप्सूल पैराशूट की मदद से रेगिस्तान में उतरेगा शटल

करीब तीन मिनट की फ्लाइट के बाद ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड रॉकेट से बेजोस का कैप्सूल अलग होगा और स्पेस में आगे बढ़ेगा. करीब चार मिनट उड़ान भरने के बाद वह 100 किमी ऊपर यानी कारमन लाइन को पार करेगा.
इस दौरान यात्रियों को वेटलेसनेस महसूस होगी और कैप्सूल जमीन पर लौटने की शुरुआत करेगा. करीब 10-12 मिनट की फ्लाइट के बाद कैप्सूल पैराशूट की मदद से रेगिस्तान में उतरेगा. इस दौरान रॉकेट भी धरती पर लौट जाएगा. रॉकेट और कैप्सूल को बार-बार इस्तेमाल कर सकते हैं.

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