न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

JEE एडवांस में शामिल होंगे 2.45 लाख अभ्यर्थी, मई अंतिम सप्ताह में होगी परीक्षा

जेईई मेंस के अप्रैल-2019 के नतीजे के बाद ऑनलाइन फार्म भर सकेंगे सफल अभ्यर्थी

577

Ranchi : देश भर के आईआईटी, एनआइटी, ट्रिपल आईटी और अन्य संस्थानों में दाखिले को लेकर होनेवाली जेईई एडवांस की परीक्षा मई के अंतिम सप्ताह में होगी. जेईई एडवांस की परीक्षा आईआईटी रूड़की की तरफ से लिया जायेगा.

mi banner add

दो पालियों में होनेवाली परीक्षा को लेकर आईआईटी रूड़की की तरफ से अब निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से ली गयी जेईई मेंस-2019 के दूसरे चरण की परीक्षा के नतीजों की घोषणा के बाद 2.45 लाख बच्चे जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए योग्य हो जायेंगे.

इसे भी पढ़ें – PM मोदी आज वाराणसी में दाखिल करेंगे नामांकन, NDA के कई दिग्गज रहेंगे मौजूद

परीक्षा में शामिल होंगे 113925 छात्र

जेईई मेंस-2019 के दूसरे चरण की परीक्षा के नतीजे 30 अप्रैल से पहले घोषित किए जायेंगे. जेईई मेंस की रैंकिंग के आधार पर ही एडवांस की परीक्षा में शामिल होने की पात्रता कोई भी अभ्यर्थी हासिल कर सकेंगे. इस बार जेईई एडवांस की परीक्षा में सामान्य श्रेणी से 113925 बच्चे शामिल होंगे.

सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े 9800 बच्चे, अन्य पिछड़ा वर्ग से 66150 बच्चे, अनुसूचित जाति के 36750 बच्चे और अनुसूचित जनजाति के 18315 बच्चे शामिल होंगे. इन अभ्यर्थियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होने अथवा एपीयर होने तथा लगातार दो वर्ष एडवांस की परीक्षा में शामिल नहीं होने की शर्त रखी गयी है.

Related Posts

रांची यूनिवर्सिटी में शुरू हुई बीएड की काउंसिलिंग, 485 छात्रों की हुई फिजिकल काउंसिलिंग

12,614 छात्रों की होनी है फिजिकल काउंसिलिंग, 27 जुलाई तक रांची यूनिवर्सिटी में की जायेगी काउंसिलिंग

इसे भी पढ़ें – चुनाव से पहले नक्सलियों का आतंक, उड़ाया BJP चुनावी कार्यालय

अभ्यर्थियों का जन्म एक अक्तूबर 1994 के पहले नहीं होने की शर्त

अभ्यर्थियों का जन्म एक अक्तूबर 1994 के पहले नहीं होने की भी एक शर्त रखी गयी है. इतना ही नहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष तक की छूट भी दी जा रही है.

एनटीए की तरफ से तय आरक्षण में चार प्रतिशत आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों, 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 15 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 7.5 फीसदी अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए सीटें रखी गयी हैं. सामान्य जाति के बच्चों के लिए 46.5 फीसदी सीटें रखी गयी हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: