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नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोलनेवाले प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को जदयू ने किया बाहर

Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलनेवाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी.

बयान में कहा गया है कि ये दोनों नेता पार्टी के अनुशासन में बंधे नहीं रहना चाहते हैं इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी पदों से मुक्त किया जाता है.

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प्रशांत किशोर ने पदाधिकारी रहते हुए कई विवादास्पद बयान दिये

जेडीयू के प्रधान महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने बयान में कहा कि पार्टी का अनुशासन, पार्टी का निर्णय एवं पार्टी नेतृत्व के प्रति वफादारी ही दल का मूल मंत्र होता है. पिछले कई महीनों से दल के अंदर पदाधिकारी रहते हुए प्रशांत किशोर ने कई विवादास्पद बयान दिये जो दल के निर्णय के खिलाफ थे.

श्री त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ किशोर ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जो अपने आप में स्वेच्छाचारिता है. किशोर और ज्यादा नहीं गिरें, इसके लिए आवश्यक है कि वह पार्टी से मुक्त हों.

जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि पवन वर्मा दल में आये और उन्हें जितना सम्मान मिलना चाहिए था, उससे अधिक सम्मान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दिया. उनको दिये सम्मान को उन्होंने संजोने और पार्टी के प्रति समर्पित रहने के बजाय इसे पार्टी की मजबूरी समझी.

पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिख कर इसे सार्वजनिक करना, उसमें निजी बातों का उल्लेख करना और उसे सार्वजनिक करना यह दिखाता है कि दल का अनुशासन उन्हें स्वीकार नहीं है.

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दोनों नेता कर रहे थे विरोध

पूर्व राज्यसभा सांसद पवन वर्मा ने दिल्ली में बीजेपी के साथ पार्टी के गठबंधन का विरोध करते हुए खुला खत लिखा था और नीतीश पर कई गंभीर आरोप लगाये थे. प्रशांत किशोर भी संशोधित नागरिकता कानून की खिलाफत करते हुए लगातार पार्टी लाइन से बाहर बयानबाजी कर रहे थे. नीतीश ने साफ कह दिया था कि वे जहां जाना चाहते हैं जा सकते हैं. पार्टी में रहना है तो दायरे में रहना होगा. इससे तय हो गया था कि दोनों की पार्टी से विदाई तय है.

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