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पलामू संसदीय सीट से प्रत्याशी देने की तैयारी में JDU, देखने को मिल सकता है दोस्ताना संघर्ष

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Palamu : बिहार की सत्तासीन एनडीए सरकार के मुख्य घटक जनता दल यूनाईटेड 13 पलामू (सु.) सीट से उम्मीदवार देने की तैयारी में है. अगर ऐसा हुआ तो पलामू संसदीय सीट पर दोस्ताना संघर्ष देखने को मिल सकता है. जदयू के बड़े नेता पलामू सीट पर उम्मीदवार देने को आतूर दिख रहे हैं. रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी नेताओं ने इसकी जानकारी दी.

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बैजनाथ राम गोपी हो सकते हैं उम्मीदवार

जदयू नेताओं ने पलामू संसदीय क्षेत्र से बैजनाथ राम गोपी को पार्टी उम्मीदवार बनाने का आग्रह पार्टी के झारखंड प्रदेश प्रभारी रामसेवक सिंह से किया है. नेताओं ने जिला जदयू की भावनाओं से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अवगत कराने की अपील की है. पत्रकारों से मुखातिब हुए जदयू नेताओं ने कहा कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्री सिंह द्वारा झारखंड में लोकसभा चुनाव 7 से 8 सीटों पर लड़े जाने की घोषणा से पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावना को राहत मिली है. पिछले दिनों नगर निगम एवं कॉरपोरेशन के हुए चुनाव में दल की चुप्पी कार्यकर्ताओं को खतरनाक लगने लगी थी.

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रिटायर अधिकारियों के चुनाव लड़ने से जनता रहती है परेशान

जदयू नेताओं ने कहा कि अवकाश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में सांसद-विधायक बनने की लालसा बढ़ने लगी है. उन्हें पलामू प्रमंडल के गरीबों के विकास की कोई चिंता नहीं है और न ही उनके पास इसकी कोई सोच है. चुनावी बिगुल बजते सभी नामचीन राजनीतिक दल अवकाश प्राप्त अधिकारियों की दावेदारी पर विचार करने लगे हैं. भाजपा से पलामू के लिए पूर्व आइएएस अधिकारी राजबाला वर्मा तो कांग्रेस में पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार के नामों पर चर्चा शुरू हो गयी है.

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सांसद वीडी राम से जनता सीधा संवाद नहीं कर पाती

नेताओं ने कहा कि पलामू के सांसद वीडी राम, जो पूर्व आइपीएस अधिकारी होने के साथ झारखंड के डीजीपी भी रह चुके हैं, उनसे जनता का सीधे संवाद नहीं हो पाता. इनसे संपर्क करने के लिए बिचैलियों का सहारा लेना पड़ता था. इनके कार्यकाल में सांसद मद की योजनाओं में लूट मची रही. जनता की दुख-दर्द से इनका कोई सरोकार ही नहीं रहा. जनप्रतिनिधि होने के बाद भी वे अधिकारी की रौब नहीं छोड़ पायें. जनता को छोड़ भी दें, तो अपने ही पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को भी कभी तरजीह नहीं दी है.

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संक्रमण काल से गुजर रही है वर्तमान राजनीति गठबंधन

जदयू नेताओं ने कहा कि इस चुनाव में पलामू से पार्टी अपना प्रत्याशी देना चाहती है. प्रत्याशी भी ऐसा होगा, जो पलामू संसदीय क्षेत्र की जनता के दुख-दर्द में हमेशा साथ रहेगा. जन समस्याओं को संसद में उठाकर समाधान कराने का काम करेगा. जदयू का प्रत्याशी पलामू की आवाज बनेगा. नेताओं ने कहा कि वर्तमान राजनीति गठबंधन के संक्रमण काल से गुजर रही है. पलामू में 70 सालों में कोई बड़ा कल-कारखाना नहीं लग पाया. शिक्षित नवजवान बेरोजगार हैं. सोकरा ग्रेफाईट माईंस 20 सालों से बंद है. 15 वर्ष बाद एक माह पूर्व रजहारा कोलियरी का खुलना जनता के साथ महज एक छलावा है. शिक्षा की हालत भी दयनीय हो गयी है, लेकिन इससे जनप्रतिनिधों को कोई मतलब नहीं है. बिजली, पानी और सड़क की समस्या भी यथावत है. अकाल व सूखाड़ से निपटने के कोई कारगर उपाय नहीं किये गये हैं.

मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. राजनारायण सिंह पटेल, वरिष्ठ नेता बलराम तिवारी, पंकज किशोर, अशोक निगम, संतोष कुमार तिवारी एवं मणिकांत कुमार आदि उपस्थित थे.

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