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JBVNL को दो साल में लगाने थे 373 कृषि फीडर, तीन साल बाद लगे मात्र 121 

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Ranchi: खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिये कृषि फीडर लगाने की योजना बनायी गयी थी. योजना साल 2017 में शुरू की गयी. फीडर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से लगाया जा रहा है. योजना के अनुसार राज्य के 24 जिलों में कुल 373 कृषि फीडर लगने थे. अब तक राज्य में मात्र 121 कृषि फीडर लगाये गये है.

पिछले साल अक्टूबर तक जेबीवीएनएल की ओर से 161 कृषि फीडर का काम पूरा कर लिया गया था. इसके बाद मात्र पांच कृषि फीडर ही राज्य में लगाये गये. अब भी जेबीवीएनएल की ओर से 252 कृषि फीडर लगाये जाने है. जेबीवीएनएल से जानकारी मिली कि फीडर लगाने के लिये जोरों से काम किया जा रहा था. लेकिन कहीं जमीन नहीं मिलने तो कहीं कृषि कार्यों के कारण फीडर नहीं लगा. वहीं कोरोना लाॅकडाउन के बाद जेबीवीएनएल के फील्ड वर्क में काफी असर पड़ा है.

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170 चिन्हित क्षेत्रों में काम अब भी बाकी

जेबीवीएनएल की ओर से 203 क्षेत्र चिन्हित किये गये थे. जहां कृषि फीडर लगाये जाने हैं. ये 203 क्षेत्र 373 कृषि फीडरों के लिये चयनित किये गये. अब भी जेबीवीएनएल के पास 170 क्षेत्र ऐसे हैं, जिनके लिये क्षेत्र चिन्हित नहीं किये गये हैं. योजना अनुसार हर जिला में 11 से पंद्रह कृषि फीडर लगाये जाने हैं.

लेकिन तीन साल बाद भी जेबीवीएनएल की ओर से यह काम पूरा नहीं हो पाया. कुछ किसान ऐसे भी हैं जो फीडर के लिए जमीन नहीं देना चाहते हैं. ये फीडर ऐसे क्षेत्रों में लगने हैं जहां खेती अधिक होती है. योजना साल 2017 में ही शुरू की गयी. जिसके लिए 24 माह का समय जेबीवीएनएल के पास था.

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28 करोड़ की है कुल योजना

जेबीवीएनएल की मानें तो कृषि फीडर की कुल योजना 28 करेाड़ की है. लातेहार और गिरीडीह जैसे जिलों में फीडर लगाने के लिये जेबीवीएनएल को जमीन नहीं मिल रही. अब तक जेबीवीएनएल की ओर से देवघर में 14, रांची में 11, कोडरमा में पांच, बोकारो में 13 कृषि फीडर लगाये गये हैं. इसी तरह अन्य जिलों में भी फीडर लगे.

जेबीवीएनएल के अधिकारियों से जानकारी मिली की कुछ क्षेत्रों में एजेंसी की ओर से परेशानी हो रही है. राज्य में कई ऐसे सुदूर क्षेत्र हैं जहां बिजली उपकरणों को पहुंच मुश्किल है. जिसके कारण काम बाधित है. योजना के तहत 6,876 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन बिछायी जानी है. लाइन की क्षमता 11 केवी है.

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