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170 करोड़ की बिजली खरीद पर जेबीवीएनएल हर महीने दे रहा सौ करोड़, नीति आयोग के साथ मंथन आज

पहले से भी बकाया है लगभग तीन हजार बिजली खरीद की राशि

नीति आयोग के साथ बैठक में कोयला, उर्जा और जल संसाधन में होगी चर्चा

 

Ranchi: एक बार फिर से झारखंड में डीवीसी ने कटौती शुरू कर दी है. इस बार कटौती 50 फीसदी की जा रही है. लगभग 12 घंटे की. हालांकि 29 अक्टूबर को डीवीसी ने जेबीवीएनएल से बकाया भुगतान की मांग की थी. इसके साथ ही पंद्रह दिनों का समय दिया गया था. लेकिन डीवीसी ने छह अक्टूबर से ही बिजली कटौती शुरू कर दी. जबकि डीवीसी के नोटिस की तारीख 13 नवंबर को पूरी हो रही है.

 

बता दें पिछले तीन साल से राज्य में डीवीसी कमांड सात जिलों में बिजली आपूर्ति की यही स्थिति है. वहीं, आठ नवंबर (आज) को नीति आयोग और राज्य सरकार की बैठक है. जिसमें राज्य में जल संसाधन, बिजली आपूर्ति, डीवीसी और कोयला बकाया को लेकर मंथन किया जायेगा. राज्य सरकार ने पहले भी कहा है कि केंद्र सरकार पर कोयला खरीद का बकाया अधिक है. बैठक दिल्ली में है. इसके बाद भी डीवीसी के लिए राशि कटौती और बिजली कटौती जारी है.

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जनवरी से हर महीने 70 करोड़ बकाया: इस मामले में डीवीसी पीआरओ अभय भयंकर ने बताया कि केंद्र सरकार ने जनवरी में राज्य मद से 714 करोड़ रूपये की कटौती की. तब से जेबीवीएनएल की ओर से हर महीने 70 करोड़ भुगतान किया जा रहा है. हर महीने जेबीवीएनएल 170 करोड़ की बिजली ले रही है. ऐसे में डीवीसी को हर महीने 70 करोड़ का नुकसान हो रहा है. जिसके लिये डीवीसी ने कटौती शुरू की. हालांकि डीवीसी का कहना है कि मामला सरकार के पास है. ऐसे में बहुत नहीं कहा जा सकता.

 

भेजा था रिक्वेस्ट लेटर: इस साल सितंबर में राज्य सरकार की ओर से आरबीआइ को रिक्वेस्ट लेटर भेजा गया. जिसमें राज्य मद से बकाया राशि कटौती नहीं करने की मांग की गयी. जिसके बाद आरबीआइ ने कटौती नहीं की. बता दें आरबीआइ की ओर से सिंतबर और दिसंबर में राज्य मद से 1125.845 करोड़ की कटौती की जानी है. राज्य सरकार से पत्र मिलने के बाद आरबीआइ ने कटौती नहीं की. लेकिन डीवीसी ने बिजली कटौती शुरू कर दी. मालूम हो कि डीवीसी धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, रामगढ़, चतरा और हजारीबाग में बिजली आपूर्ति कर रहा है.

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केंद्र की कटौती के बाद तीन हजार बकाया: डीवीसी के लंबित भुगतान में पिछले साल केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया. इसके साथ ही केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने आरबीआइ को राज्य मद से कटौती करने का निर्देश दिया. जिसके बाद 16 अक्टूबर 2020 में 1417 करोड़ की कटौती राज्य मद से हुई. इसके बाद 13 जनवरी को केंद्र सरकार ने 714 करोड़ रूपये की कटौती की. तब जेबीवीएनएल का डीवीसी पर कुल बकाया लगभग पांच हजार करोड़ रहा. केंद्र से कटौती के बाद पूर्व का बकाया अब भी लगभग तीन हजार करोड़ है. ऐसे में वर्तमान बकाया लगभग 3700 करोड़ के आस पास है. डीवीसी से राज्य को बिजली त्रिपक्षीय समझौते के तहत मिलती है. छह जनवरी 2021 को राज्य सरकार ने इससे बाहर निकलने की बात की थी. इसके बाद भी राज्य में बिजली कटौती जारी है.

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