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जावेद अख्तर गुहा को पाखंडी करार देने वाले मोदी फैन के ट्वीट से भड़के,  लिखा, रेंगते कीड़े अपनी औकात में रहो

गुहा ने ट्वीट में लिखा, मैं नहीं चाहता कि भारत एक ऐसा देश हो, जिसमें लाखों लोग एक आदमी को हां कहें. मुझे एक मजबूत विपक्ष चाहिए.

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NewDelhi : हिंदी फिल्मों के गीतकार व पटकथा लेखक जावेद अख्तर सोशल मीडिया में अपने एक ट्वीट से चर्चा में हैं. दरअसल वे इतिहासकार रामचंद्र गुहा के एक ट्वीट पर कटाक्ष करने वाले गोरख नाथ चौबे नाम के एक शख्स के ट्वीट से भड़क गये. बता दें कि शनिवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने ट्वीट अपने ट्वीट में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जम कर तारीफ की. गुहा ने ट्वीट में लिखा, मैं नहीं चाहता कि भारत एक ऐसा देश हो, जिसमें लाखों लोग एक आदमी को हां कहें. मुझे एक मजबूत विपक्ष चाहिए. रामचंद्र गुहा के इस ट्वीट पर खुद को प्रधानमंत्री मोदी का समर्थक बताने वाले सोशल मीडिया यूजर गोरख नाथ चौबे ने ट्वीट कर भारतीय इतिहास के ट्वीट पर कटाक्ष किया. चौबे ने ट्वीट कर लिखा, अगर यह इतिहास होता तो नया इतिहास बनाना बेहतर होता पाखंडी.

इसके बाद मोदी समर्थक ट्विटर यूजर के ट्वीट पर जावेद अख्तर खासे भड़क गये और उन्होंने चौबे के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि वह अपनी औकात में रहे. ट्वीट में अख्तर ने लिखा, रेंगते कीड़े. तुम मिस्टर गुहा जैसे विद्वान के जूते पर धूल के एक टुकड़े बराबर भी नहीं हो. तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसे हुई. अपनी औकात में रहो.

मुझे स्पष्ट करने दो कि मैंने गुहा को पाखंडी क्यों कहा?

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लेकिन इसका जवाब भी जोरदार मिला. ट्विटर प्रोफाइल पर खुद को एक बार फिर से, मोदी दिल से… बताने वाले गोरख नाथ ने अख्तर के ट्वीट का जवाब दिया. ट्वीट कर लिखा, साहेब आपको पहचानने में हमसे बड़ी भूल हुई;  आप सही में नामदार हैं;  आपकी यह भाषा आपके संस्कार को दिखाती है. इसी क्रम में शख्स ने इतिहासकार गुहा पर किये अपने ट्वीट को लेकर सफाई दी, लिखा कि मुझे स्पष्ट करने दो कि मैंने गुहा को पाखंडी क्यों कहा? अपने ट्वीट में लिखा कि नेहरू की तरफ उनका रुख काफी नरम रहा है. बाकी भारत में उनका रुख कड़वा रहा है. नेहरू ने कश्मीर जैसी गलतियां की. इतिहास लिखते समय इतिहासकारों को निष्पक्ष होना चाहिए.

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