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जमशेदपुर की दिव्या ने झारखंड को विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर किया स्थापित, चकित कर देंगी इनकी उपलब्धियां

ऑस्ट्रेलिया सरकार की स्कॉलरशिप पर "चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव प्रोजेक्ट" के पर्यावरणीय प्रभाव पर की पीएचडी, 'साइंस' और 'नेचर' जैसी विज्ञान पत्रिकाओं में छप चुके हैं पेपर

Jamshedpur :  जमशेदपुर निवासी डॉ दिव्या नारायण ने पर्यावरण अनुसंधान में अपनी उपलब्धियों से जमशेदपुर के साथ पूरे बिहार और झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर लाकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है. दिव्या ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की छात्रवृत्ति पर क्वींसलैंड विश्वविद्यालय, ब्रिस्बेन से “चीन के बेल्ट एंड रोड पहल परियोजना का पर्यावरणीय प्रभाव” विषय पर  पीएचडी डिग्री हासिल की है. डॉ दिव्या के शोध विषय का न केवल वैश्विक महत्व है, बल्कि इसके निहितार्थ आनेवाले समय में भारत-चीन भू-राजनीतिक संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. पीएचडी के दौरान उनके शोध पत्र ‘साइंस’ और ‘नेचर’ जैसी दुनिया की अग्रणी विज्ञान पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए थे. साथ ही उन्होंने चीन, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम आदि देशों में जाकर शोध कार्य किये. डॉ दिव्या ने संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक एजेंसियों के साथ भी सहयोग किया. इससे पहले उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंग्लैंड से जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया था.

स्थायी वित्त के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं दिव्या
बचपन से ही मेधावी छात्रा रही डॉ दिव्या नारायण आदित्यपुर के हरिओम नगर स्थित हेवेन रिवर व्यू सोसायटी की निवासी हैं. उनके पति विनीत अभिषेक भारतीय रेल यातायात सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्तमान में पश्चिम रेलवे में कार्यरत हैं. डॉ दिव्या के ससुर विनयकांत खान झारखंड न्यायिक सेवा के अधिकारी रहे हैं और जिला न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.  डॉ दिव्या भविष्य में स्थायी वित्त के क्षेत्र में काम करने की योजना बना रही हैं, जिससे बैंकों को अपने ऋण देने के तरीकों को और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी.

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