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जमशेदपुर : घाटशिला रंकिणी मंदिर के मुख्य पुजारी विजय पांडा का असामयिक निधन

Ghatshila : घाटशिला के प्रसिद्ध रंकिणी मंदिर के पुजारी विजय पांडा (72) का असामयिक निधन हो गया. विजय पांडा राजा जगदीश चंद्र देव धवलदेव के समय वर्ष 1965 से ही रंकिणी मंदिर में पूजा करते थे. वह क्षेत्र के काफी प्रसिद्ध पुजारियों में एक थे. उनके निधन की खबर सुन उनके राजस्टेट स्थित निवास स्थान पर उन्हें देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त जुटे. वह अपने पीछे चार पुत्र और तीन पुत्री समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं. उनका अंतिम संस्कार सोमवार को स्वर्णरेखा नदी घाट में कर दिया गया.

पुजारी वृंदावन पांडा के पुत्र थे विजय पांडा

जानकारी के अनुसार विजय पांडा क्षेत्र के सबसे पुराने पुजारी वृंदावन पांडा के पुत्र थे. उन्होंने गालूडीह में काफि दिनों तक विनय बाबा के सानिध्य में रहकर शिक्षा लिया और 17 साल के उम्र से ही वह घाटशिला रंकिणी मंदिर में पूजा शुरू कर दिया. उनके सैंकड़ो अनुयायी थे. वे घाटशिला क्षेत्र में होने वाले बिंदा पूजा में हर साल मुख्य भूमिका निभाते थे. उनके निधन में पूरा घाटशिला क्षेत्र शोक में डूब गया है.

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